मिर्जापुर में शिक्षक पर 14 वर्षीय छात्रा से अशोभनीय हरकत का आरोप, स्कूल जाने से डरी बच्ची; पॉक्सो में केस दर्ज


मिर्जापुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के कछवां क्षेत्र स्थित एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में सातवीं कक्षा की 14 वर्षीय छात्रा के साथ कथित अशोभनीय हरकत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। आरोप विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर लगा है। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से छात्रा के डरे-सहमे रहने और स्कूल जाने से इनकार करने की बात सामने आई है। पुलिस पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।
परिजनों के मुताबिक, घटना 8 अक्टूबर को उस समय हुई, जब विद्यालय में भोजन बनाने की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें बच्चे भी शामिल हुए थे। आरोप है कि इसी दौरान शिक्षक ने दूसरे बच्चों के माध्यम से छात्रा को कक्षा में बुलवाया। टीवी चालू करना सिखाने की बात कहकर उसे कक्षा में बुलाया गया। छात्रा का आरोप है कि वहां शिक्षक ने उसके करीब आने और अशोभनीय हरकत करने की कोशिश की। विरोध करने और चिल्लाने पर उसका मुंह दबाकर आवाज रोकने का प्रयास किए जाने का भी आरोप है। छात्रा किसी तरह वहां से निकलकर भागने में सफल रही।
घटना के बाद छात्रा घर पहुंची तो उसकी हालत देखकर परिजन चिंतित हो गए। परिवार के अनुसार, वह काफी डरी हुई थी और लगातार रो रही थी। मां ने जब उससे परेशानी की वजह पूछी, तो छात्रा ने हिम्मत जुटाकर कथित घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन विद्यालय पहुंचे, लेकिन आरोप है कि तब तक शिक्षक वहां से जा चुका था। परिवार ने पुलिस से शिकायत कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से छात्रा के व्यवहार में बदलाव आया है। वह पहले वालीबॉल खेलने में रुचि लेती थी, लेकिन अब सहमी रहती है और किसी से बात करते हुए भी रोने लगती है। डर के कारण कई दिनों से स्कूल नहीं जा रही है। परिवार के मुताबिक, छात्रा के पिता खेती-किसानी कर घर का खर्च चलाते हैं। इस घटना ने परिवार को गहरे तनाव में डाल दिया है।
स्थानीय लोगों के हवाले से यह दावा भी किया जा रहा है कि आरोपी शिक्षक मनोज कुमार गौतम वर्ष 2017 से संबंधित विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है। इससे पहले वह चुनार क्षेत्र में तैनात था, जहां उसके व्यवहार को लेकर शिकायत सामने आने और बाद में तबादला होने की बात कही जा रही है। हालांकि, पूर्व शिकायतों और तबादले से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में विद्यालय में करीब 175 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
घटना के बाद आरोपी शिक्षक के चिकित्सकीय अवकाश पर होने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िता का बयान दर्ज करने और आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस आरोपी की तलाश और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग छात्रा से जुड़े इस गंभीर मामले में अब पुलिस जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं। आरोपों की सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया से तय होगी।