बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध और अस्थिर हालात के बीच खाड़ी देशों में काम कर रहे पूर्वांचल के लोगों के परिवारों की चिंता गहराने लगी है। दुबई समेत कई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उड़ानों के प्रभावित होने की खबरों ने यहां के परिजनों की बेचैनी बढ़ा दी है। गांव-गांव में लोग अपने रिश्तेदारों की कुशलक्षेम जानने के लिए लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं।
उड़ानें प्रभावित, बढ़ी परेशानी
सूत्रों के अनुसार दुबई और आसपास के कई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन आंशिक रूप से बाधित है। अचानक टिकट रद्द होने, ट्रांजिट में यात्रियों के फंसने और वीज़ा अवधि समाप्त होने की आशंका ने प्रवासी श्रमिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मऊ, आजमगढ़ और गाजीपुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय हालात की खबरों से स्थानीय स्तर पर चिंता का माहौल है।
गांवों में बढ़ी बेचैनी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई परिवारों के सदस्य दुबई, सऊदी अरब, कतर और ओमान में कार्यरत हैं। मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत, समय अंतराल और उड़ानों में बाधा के कारण बात न हो पाने से परिजन व्याकुल हैं।
कुछ परिवारों ने प्रशासन से अपील की है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो सरकार सुरक्षित वापसी की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
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मानवीय पहल की जरूरत
ऐसे समय में स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से अपेक्षा की जा रही है कि वे प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आएं।
फंसे लोगों की सूची तैयार की जाए।
विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावासों से समन्वय स्थापित किया जाए।
जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन या सहायता शिविर शुरू किए जाएं।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों की जानकारी पर भरोसा करें। यदि किसी व्यक्ति से संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दें।
स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।
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