Thursday, January 15, 2026
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बिहार में शिक्षकों की छुट्टी पर सख्ती, अब वॉट्सऐप मैसेज नहीं चलेगा

भागलपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।बिहार में शिक्षा विभाग ने कार्यसंस्कृति को मजबूत करने के लिए एक अहम और सख्त निर्णय लिया है। अब वॉट्सऐप मैसेज या मौखिक सूचना के जरिए छुट्टी लेने की परंपरा पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। भागलपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार शर्मा ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि बिना विधिवत अनुमति के अवकाश पर जाना गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।

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जारी निर्देश के अनुसार, आकस्मिक अवकाश लेने के लिए अब सभी शिक्षकों और कर्मियों को निर्धारित फॉर्मेट में आवेदन करना अनिवार्य होगा। केवल डिजिटल मैसेज, फोन कॉल या अनौपचारिक सूचना के आधार पर अवकाश स्वीकृत नहीं माना जाएगा। विभाग का कहना है कि हाल के दिनों में कई कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए, जिससे शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए हैं।

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नए नियमों के तहत अवकाश आवेदन में कर्मचारी का नाम, पदनाम, शाखा, कुल स्वीकृत आकस्मिक अवकाश, पहले ली गई छुट्टियों की संख्या, अवकाश की अवधि, कारण तथा शेष अवकाश का विवरण देना होगा। इसके साथ ही यह भी बताना अनिवार्य होगा कि छुट्टी के दौरान कौन कर्मी कार्यभार संभालेगा। अधूरा या अपूर्ण आवेदन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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जिला शिक्षा पदाधिकारी ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, वेतन रोकने और अनुशासनात्मक दंड तक की कार्रवाई की जा सकती है। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर बिना अनुमति अवकाश मान्य नहीं होगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस फैसले से कार्यालयों में अनुशासन कायम होगा, छात्रों से जुड़े कार्य समय पर पूरे होंगे और कार्यकुशलता में सुधार आएगा। आदेश के बाद विभागीय कर्मियों में हलचल जरूर है, लेकिन इसे लंबे समय में सिस्टम सुधार की दिशा में जरूरी कदम माना जा रहा है।

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