महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। संभावित बाढ़ आपदा के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को महराजगंज जिले की चारों तहसीलों में एक साथ मेगा बाढ़ मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA), लखनऊ के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न विभागों और बचाव एजेंसियों ने अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ से उत्पन्न होने वाली विभिन्न आपात परिस्थितियों का वास्तविक स्वरूप प्रस्तुत कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास कराया गया। सदर तहसील के डोंमरा गांव में बाढ़ से चारों ओर से घिरे लोगों को सुरक्षित निकालने तथा राहत सामग्री पहुंचाने का प्रदर्शन किया गया।
फरेंदा तहसील में राहत शिविर, बाढ़ चौकी और फील्ड अस्पताल स्थापित कर आपदा के समय आवश्यक व्यवस्थाओं का अभ्यास किया गया। वहीं निचलौल तहसील के गेंरहवन गांव में नाव दुर्घटना का परिदृश्य तैयार कर खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया। नौतनवा तहसील परिसर में बाढ़ के कारण अवसंरचना ध्वस्त होने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया।
अभ्यास के दौरान जिला आपदा परिचालन केंद्र पूरी तरह सक्रिय रहा। 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ गोरखपुर, पीएसी फ्लड टीम, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व और अग्निशमन विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों ने समन्वित रूप से भाग लिया। बचाव दलों ने खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, राहत वितरण तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य कार्यों का सफल प्रदर्शन किया।
जिलाधिकारी ने विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान सभी विभागों की तत्परता और आपसी समन्वय संतोषजनक पाया गया। अधिकारियों के अनुसार मॉक ड्रिल बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हुई और जिले की आपदा प्रबंधन क्षमता का प्रभावी परीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जनहानि को कम करने और राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में इस प्रकार के अभ्यास अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होते हैं। उन्होंने सभी विभागों और बचाव एजेंसियों के प्रयासों की सराहना करते हुए मेगा बाढ़ मॉक ड्रिल को सफल घोषित किया।
