रतनपुरा, मऊ । बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शासन प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा राहत कार्य ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित पीपरसाथ ग्राम पंचायत में अब तक एक छटाक राहत सामग्री भी नहीं पहुंच पाई है जबकि दक्षिण दिशा में तमसा नदी का पानी और उत्तरी दिशा में गाढ़ा ताल का पानी भयंकर तबाही मचाई हुए हैं सब कुछ स्वाहा हो चुका है । इस गांव के कई मजरे चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं । घरों में पानी प्रवेश कर गया है और संपर्क मार्ग भी बदहाल हो गए हैं परंतु शासन प्रशासन द्वारा राहत कार्य की शुरुआत अब तक नहीं किए जाने से लोगों में आक्रोश है। पीपरसाथ की ग्राम प्रधान यशोदा देवी ने शासन प्रशासन से बाढ़ प्रभावित पीपरसाथ ग्राम पंचायत में अभिलंब राहत कार्य प्रारंभ करने की जनहित में आवाज उठाई है ताकि कि बाढ़ प्रभावितों को राहत मिल सके।
रसोई में महंगाई का तड़का: प्याज 70 रुपये पार, चीनी की तेजी ने बढ़ाई चिंता;…
बिछुआ (राष्ट्र की परम्परा)। कक्षा में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वास्तविक…
✍️ विजय गुंजन स्नेह है, अनुराग है, पवित्रता का बंधन है,ममता भरे एक धागे का…
नवनीत मिश्र रक्षा बंधन केवल कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश के ठेकेदार रॉयल्टी से जुड़े मामलों…
✍️ संजय एम. तराणेकर कलाई पर बंधता धागा है,पर बंधता है उससे विश्वास,बहन की आँखों…