Friday, February 13, 2026
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नाबालिग को बेचने की साजिश, पुलिस ने समय रहते बचाया

बलिया/गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आया किशोरी दुष्कर्म मामला अब एक बड़े मानव तस्करी रैकेट की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी केवल दुष्कर्म तक सीमित नहीं थे, बल्कि पीड़िता को बलिया ले जाकर बेचने की पूरी तैयारी कर चुके थे। इस गोरखपुर किशोरी दुष्कर्म मामले ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता को बहला-फुसलाकर पहले गोरखपुर में बंधक बनाया गया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर मानव तस्करी के नेटवर्क के तहत उसे दूसरे जिले में ले जाने की साजिश रची गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक संगठित गिरोह से जुड़े हो सकते हैं, जो लंबे समय से मानव तस्करी जैसे अपराधों में सक्रिय हैं। यह मानव तस्करी का मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इसमें नाबालिग को निशाना बनाया गया।

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पुलिस जांच में क्या आया सामने
जांच टीम ने तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि किशोरी को बलिया में बेचने के लिए संभावित ग्राहकों से संपर्क किया जा चुका था। समय रहते पुलिस की कार्रवाई से एक बड़ा अपराध टल गया। इस गोरखपुर किशोरी दुष्कर्म मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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सामाजिक और कानूनी असर
यह मामला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है। मानव तस्करी जैसे अपराधों का नेटवर्क अक्सर सीमावर्ती जिलों में सक्रिय रहता है, जहां निगरानी की कमी का फायदा उठाया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, पीड़ितों की काउंसलिंग और कठोर सजा ही अपराधियों को रोक सकती है। मानव तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस और समाज दोनों को सतर्क रहना होगा।

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पीड़िता की सुरक्षा और आगे की कार्रवाई
पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और मेडिकल व मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। यह गोरखपुर किशोरी दुष्कर्म मामला आने वाले समय में मानव तस्करी के खिलाफ बड़े अभियान का आधार बन सकता है।

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