Thursday, July 23, 2026
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नशा मुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण: प्रो. पूनम टंडन

एनसीसी शिविर में 500 कैडेट्स ने ली नशा मुक्ति की शपथ

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित एनसीसी वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के दौरान गुरुवार को नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने लगभग 500 एनसीसी कैडेट्स और अधिकारियों को नशे से दूर रहने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने की शपथ दिलाई।
कुलपति प्रो. टंडन ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि युवा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करें, तो विकसित और सशक्त भारत के निर्माण का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की प्रतिभा, स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करने के साथ परिवार और समाज की प्रगति में भी बाधा बनता है। इसलिए प्रत्येक युवा का दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करे।
उन्होंने एनसीसी कैडेट्स के अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की सराहना करते हुए उन्हें नशा मुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का स्वागत एवं संचालन कैंप कमांडेंट कर्नल ए.पी. सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना विकसित करने के साथ-साथ सामाजिक अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।
मेजर प्रो. विनीता पाठक ने नशे के कारणों, दुष्प्रभावों और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी देते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहभागिता का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे, कैंप उप कमांडेंट मेजर आकांक्षा पांडेय, कैप्टन निधि लाल, सीनियर जीसीआई सीमा राय एवं नीता यादव, सेकंड ऑफिसर पुष्पा एवं रेणुका, एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारी, पीआई स्टाफ तथा अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में कैडेट्स ने नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया।

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