Saturday, May 2, 2026
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झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से बुझी किशोरी की जिंदगी, गांव में आक्रोश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Maharajganj जनपद में अवैध चिकित्सा प्रथा ने एक और मासूम की जान ले ली। कोतवाली क्षेत्र के कटहरा खास (टोला उसरहवा) में एक कथित झोला छाप डॉक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन से 16 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।

मामूली फोड़े-फुंसी का इलाज बना जानलेवा

परिजनों के अनुसार, किशोरी के पैर में फोड़ा-फुंसी की समस्या थी, जिसके इलाज के लिए उसे गांव के ही एक कथित डॉक्टर के पास ले जाया गया। आरोप है कि बिना किसी वैध चिकित्सकीय डिग्री के आरोपी ने इलाज शुरू किया और इंजेक्शन लगा दिया।

इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद किशोरी की हालत तेजी से बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गई। घबराए परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार में मातम, गांव में आक्रोश

किशोरी की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठने लगी।

आरोपी गिरफ्तार, चौंकाने वाला खुलासा

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी धर्मेन्द्र (40) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह महज छठवीं कक्षा तक पढ़ा है और लंबे समय से बिना किसी डिग्री के अवैध रूप से लोगों का इलाज कर रहा था।

इस कार्रवाई का नेतृत्व Nirbhay Kumar ने किया। पुलिस टीम में उप निरीक्षक नागेंद्र बड़ी और आयुष कुमार सहित अन्य कर्मी शामिल रहे।

केस दर्ज, जांच जारी

परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि:

• गलत इंजेक्शन
• दवा की प्रतिक्रिया
• या लापरवाही

में से किस कारण से किशोरी की मौत हुई।

झोलाछाप डॉक्टरों पर उठे सवाल

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय अवैध चिकित्सकों के खतरनाक नेटवर्क को उजागर करती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना डिग्री और प्रशिक्षण के इलाज करना गंभीर अपराध है, जो लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:

• झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाए
• नियमित जांच और कार्रवाई सुनिश्चित हो
• ग्रामीण क्षेत्रों में वैध स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराई जाएं

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