पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों पर निगरानी ब्यूरो लगातार शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को ग्रामीण कार्य विभाग में पदस्थापित सहायक अभियंता नागेंद्र कुमार के पटना, गया और मोकामा स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। देर रात तक चली इस कार्रवाई में टीम ने भारी मात्रा में निवेश से जुड़े दस्तावेज और संपत्ति के कागजात बरामद किए।

नागेंद्र कुमार, जो मूल रूप से गया जिले के निवासी हैं, पटना के बोरिंग रोड स्थित स्नेह प्लाजा अपार्टमेंट (सरदार पटेल पथ, उत्तरी श्रीकृष्णापुरी) में किराये के मकान में रहते हैं। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान आय से अधिक संपत्ति के कई ठोस सबूत मिले हैं।

इससे पहले भी ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षक अभियंता विनोद कुमार राय पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया था। उस मामले में लाखों के नोट जलाए जाने का खुलासा हुआ था। जांच में अभियंता की बिहार और अन्य राज्यों में अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। उनके और उनके नजदीकी लोगों के नाम पर करीब 24 डीड पेपर भी बरामद हुए थे।

इतना ही नहीं, ओडिशा और रोसड़ा में अभियंता की कंस्ट्रक्शन से जुड़ी फैक्ट्री भी सामने आई थी। अब नागेंद्र कुमार के मामले में भी अवैध कमाई और संपत्ति के कई स्रोत सामने आने की संभावना जताई जा रही है। निगरानी ब्यूरो द्वारा आगे की जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत अलग से DA केस दर्ज किया जा सकता है।

बिहार में बीते कुछ महीनों से भ्रष्ट अधिकारियों पर निगरानी ब्यूरो की लगातार कार्रवाई से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।