आपसी सुलह-समझौते से मामलों के त्वरित और कम खर्चीले समाधान के लिए ग्रामीणों को किया गया जागरूक

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। उच्च न्यायालय मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर की ओर से संचालित ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0’ के तहत विभिन्न गांवों में जागरूकता अभियान चलाया गया। अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों को मध्यस्थता के माध्यम से न्यायालयों में लंबित मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित, सुलभ और कम खर्चीला समाधान प्राप्त करने की जानकारी दी।जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार त्यागी के निर्देशन तथा अपर जिला जज (सीनियर डिवीजन) एवं प्राधिकरण के सचिव भुवन के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है। एक अगस्त 2026 से प्रारंभ अभियान के अंतर्गत अधिकार मित्र रामबृक्ष गिरि, अमिताभ श्रीवास्तव, इकबाल अंसारी, दिनेश यादव, सुधीर यादव और अनिल चौहान ने होरलापुर, कसिया, पकड़ी खुर्द, गांगरानी, बेलवनिया, बड़गांव, सिकटा, घोरघटिया, कटेया, सेमरा हरदो, कठकुइयां, सरया, चौरा खास और हरका सहित विभिन्न गांवों में लोगों को जागरूक किया।अधिकार मित्र रामबृक्ष गिरि ने बताया कि मध्यस्थता के माध्यम से वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, निष्पादन कार्यवाही, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, बंटवारे, बेदखली, भूमि अधिग्रहण और श्रम कानून से जुड़े मामलों का समाधान कराया जा सकता है। इसके अलावा मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम के अंतर्गत आने वाले मामलों तथा अन्य उपयुक्त सिविल विवादों को भी मध्यस्थता के लिए संदर्भित किया जा सकता है।अधिकार मित्र अमिताभ श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यस्थता विवादों के समाधान का एक प्रभावी माध्यम है, जिसमें संबंधित पक्ष आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का प्रयास करते हैं। इससे समय और धन की बचत होने के साथ ही अनावश्यक मुकदमेबाजी से भी राहत मिल सकती है।उन्होंने लोगों से अपील की कि मध्यस्थता अभियान का लाभ उठाने और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर अथवा तहसील विधिक सेवा समिति से संपर्क करें। इसके लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी सहायता प्राप्त की जा सकती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जरूरतमंद लोगों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सदैव तत्पर रहने की बात कही।
