लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी) और इलेक्ट्रॉनिक मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर (ईएमआरसी), लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिए एक विशेष ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य डिजिटल शिक्षा, मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज (MOOCs) तथा उच्च शिक्षा में शिक्षकों और अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता को बढ़ावा देना था।
डिजिटल शिक्षा के बढ़ते महत्व को देखते हुए सीईसी ने वर्ष 2026 के लिए विशेष आउटरीच कार्यक्रम शुरू किया है। इसी पहल के तहत आयोजित इस कार्यशाला में शिक्षकों को सीईसी की विभिन्न योजनाओं और डिजिटल शिक्षण पहलों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि इस पहल का उद्देश्य MOOCs और अन्य ऑनलाइन शिक्षण कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नामांकन में वृद्धि करना तथा संस्थागत और शैक्षणिक सहयोग को मजबूत बनाना है।
कार्यशाला में जानकारी दी गई कि सीईसी, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा स्थापित अंतर-विश्वविद्यालय केंद्रों में से एक है, जो अपने 20 मीडिया केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से स्वयं (SWAYAM) पाठ्यक्रमों के विकास और डीटीएच चैनलों के लिए शैक्षिक सामग्री तैयार करने का कार्य कर रहा है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
ईएमआरसी लखनऊ के सहयोग से आयोजित इस ऑनलाइन कार्यशाला में सीईसी की प्रस्तुति के बाद ईएमआरसी लखनऊ के निदेशक प्रो. गोपाल सिंह ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों ने MOOCs की प्रक्रिया, पाठ्य सामग्री निर्माण की कार्यप्रणाली तथा जुलाई और दिसंबर सत्रों के लिए प्रस्तावित ऑनलाइन पाठ्यक्रमों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
इस कार्यशाला को उच्च शिक्षा में डिजिटल नवाचार और ऑनलाइन शिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
