Wednesday, March 18, 2026
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अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर सख्ती: 15 दिन में पहचान, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई


बलिया में प्रशासन सख्त: स्वास्थ्य और विकास कार्यों की गहन समीक्षा


बलिया (राष्ट्र की परम्परा)जिले में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर और प्राइवेट अस्पतालों में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कमिश्नर विवेक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों को 15 दिनों के भीतर चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यह बैठक विकास कार्यों और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।
15 दिन का अल्टीमेटम: अवैध अल्ट्रासाउंड पर विशेष अभियान
कमिश्नर ने मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) को निर्देश दिया कि जिले में चल रहे सभी संदिग्ध और अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा कि 15 दिनों के भीतर सभी केंद्रों का सर्वे किया जाए
नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई हो
लाइसेंस और पंजीकरण की जांच अनिवार्य रूप से की जाए
यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और भ्रूण लिंग जांच जैसे अपराधों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्राइवेट अस्पतालों की जांच: योग्य डॉक्टरों की होगी पुष्टि
बैठक में प्राइवेट अस्पताल जांच को भी प्राथमिकता दी गई। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया जाए।
वहां कार्यरत डॉक्टरों की योग्यता और पंजीकरण की जांच हो।
यदि किसी अस्पताल में फर्जी या अयोग्य व्यक्ति इलाज करते पाया गया, तो सख्त कार्रवाई की जाए।
इस कदम का उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
शिक्षा व्यवस्था पर भी फोकस: गुणवत्ता और निगरानी जरूरी।
स्वास्थ्य के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र में भी सुधार के निर्देश दिए गए। बेसिक शिक्षा अधिकारी को आदेश दिया गया कि स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें।
पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार करें।
मध्याह्न भोजन योजना की लगातार निगरानी रखें।
कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही विकास के प्रमुख आधार हैं और इनमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सड़क, सेतु और बिजली: निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश।निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।सेतु निर्माण कार्यों में गति लाई जाए।जर्जर बिजली तारों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए।उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे की मजबूती से ही जिले का समग्र विकास संभव है।
विभागीय रैंकिंग पर नाराजगी: ‘A’ रैंकिंग का लक्ष्य
बैठक में विभिन्न योजनाओं की रैंकिंग को लेकर असंतोष जताया गया। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाकर ‘A’ रैंकिंग हासिल करें।
विशेष रूप से जिन योजनाओं पर ध्यान देने को कहा गया मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
छात्रवृत्ति योजना,निर्माण कार्य,राजस्व विभाग,खनन विभाग,स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन
अवैध खनन और कालाबाजारी पर भी कार्रवाई तेज,कमिश्नर ने खनन विभाग को निर्देश दिया कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाएं,बिना अनुमति चल रहे वाहनों पर कार्रवाई करें
इसके अलावा गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया, ताकि कालाबाजारी रोकी जा सके। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनकल्याण योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुंचे
कमिश्नर ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए जनसुनवाई में अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए,
शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया जाए।लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।विशेष रूप से मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के सभी लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक बैठक में प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, सीडीओ ओजस्वी राज, सीआरओ त्रिभुवन, एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम शर्मा सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।सभी विभागों को समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सख्त कार्रवाई से सुधरेगी व्यवस्था
बलिया में अवैध अल्ट्रासाउंड और प्राइवेट अस्पताल जांच को लेकर प्रशासन की सख्ती साफ संकेत देती है कि अब स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फर्जी डॉक्टरों और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई से न केवल मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि पूरे सिस्टम में पारदर्शिता और विश्वास भी मजबूत होगा।

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