July 16, 2024

राष्ट्र की परम्परा

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शारीरिक और मानसिक शक्ति का साधन है योग-सांसद

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) दशम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन ऑडिटोरियम में 15 जून से 21 जून तक चलने वाले साप्ताहिक योगाभ्यास के प्रथम दिन सदर सांसद शशांक मणि, सदर विधायक डा शलभ मणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह तथा नपा अध्यक्ष अलका सिंह ने लोगों के साथ योगाभ्यास किया ।
         योगाभ्यास से पूर्व मुख्य अतिथि शशांक मणि ने योग गुरु महर्षि पतंजलि के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया । इस दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य अतिथि को महर्षि पतंजलि द्वारा रचित पुस्तक योगसूत्र भेंट किया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि देवरिया ऋषियों की तपोस्थली रही है, जहां महर्षि देवरहवा बाबा, बाबा राघवदास जैसे महान संतों ने आध्यात्म के माध्यम से यहां के लोगों में ऊर्जा का संचार किया, हमारे लिए ये बड़े सौभाग्य की बात है कि हम इस पुण्यभूमि पर जन्मे हैं और ऐसे महान संतों और साधकों का हमे अनुग्रह प्राप्त हुआ है उन्होंने बताया कि महर्षि देवरहवा बाबा खेचरी मुद्रा के बहुत बड़े साधक थे, जिसके माध्यम से उन्होंने अपने शरीर को सैकड़ों वर्षों तक निरोग और स्वस्थ रख पाए । योग और प्राणायाम का हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है। इसके माध्यम से हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है, जिससे हम जीवन की शारीरिक और मानसिक जटिलताओं को दूर कर पाते हैं और अपने शरीर को स्वस्थ और मजबूत रख पाते हैं ।
           सदर विधायक डा शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि योग के क्षेत्र में भारत ने पूरे विश्व का मार्गदर्शन किया है तथा कई ऐसी असाध्य बीमारियां जिनका इलाज एलोपैथिक  चिकित्सा पद्धति में नहीं है, उनको योग के द्वारा ठीक किया जा सकता है। इसलिए हमे दैनिक जीवन में हर दिन योगाभ्यास करना चाहिए । स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निर्माण होता है । योग प्रशिक्षक यतेंद्र सागर विश्वकर्मा, कंचन तिवारी, और पूजा ने पद्मासन, भुजंगासन, वक्रासन और प्राणायाम सहित विभिन्न मुद्राओं के द्वारा लोगों को योग की जानकारी दी और योग भी कराया ।
           इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डा राजेश झा, जिला आयुर्वेद अधिकारी डा विशाल चौधरी, भाजपा नेता डा अजीत नारायण मिश्रा, मीडिया प्रभारी प्रभाकर तिवारी, हर्ष श्रीवास्तव, ज्ञानप्रकाश चतुर्वेदी एवं सभी आयुर्वेद चिकित्सक और कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।