पीलीभीत (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद में वन एवं वन्य जीव प्रभाग की तीनों रेंज पीलीभीत, बीसलपुर और पूरनपुर में वर्ष 2025 की दो दिवसीय शीतकालीन सारस गणना सम्पन्न हुई। गणना के दौरान कुल 98 सारस पाए गए, जो ग्रीष्मकालीन सारस गणना की तुलना में वृद्धि दर्शाते हैं।
हिमालय पर्वत की तलहटी में स्थित पीलीभीत अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार जनपद में एक साथ सारस जनगणना कराई गई।
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पीलीभीत रेंज में गांव महुआ, कैच, न्यूरिया हुसैनपुर, घेरा रिछौला, बारात बोझ, बगब, सडिया मुस्तकिल, सियाबाठी पट्टी, गिधौर और सूरजपुर सहित विभिन्न स्थलों पर कुल 22 सारस दर्ज किए गए।
बीसलपुर रेंज के लमुआ, अर्जुनपुर, सुहास, बरखेड़ा, बहादुरपुर, नैनी झील, करेली, बमरौली और चौसर हरदो पट्टी में कुल 52 सारस पाए गए।
पूरनपुर रेंज के घुंघचाई, सकरिया, माधोटांडा और कलीनगर क्षेत्रों में कुल 21 सारस दर्ज हुए।
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प्रभागीय निदेशक वन एवं वन्य जीव भरत कुमार डी ने बताया कि शीतकालीन वर्ष 2025 की गणना में कुल 98 सारस मिले, जिनमें 89 वयस्क और 09 बच्चे शामिल हैं। इससे पहले ग्रीष्मकालीन सारस गणना 2025 में कुलबी95 सारस (86 वयस्क और 09 बच्चे) पाए गए थे। इस प्रकार शीतकालीन गणना में सारसों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।
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