मुख्यमंत्री योगी की जीरो टॉलरेंस नीति को ठेंगा? देवरिया में भू माफिया बेलगाम

● कोतवाली पुलिस और जनप्रतिनिधियों की संदिग्ध चुप्पी कहीं षड्यंत्र तो नही?

● जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से भूमाफियाओं का आतंक: प्रशासन पर सवाल

● देवरिया पुलिस का असल चेहरा: भूमाफियाओं को खुला समर्थन?

आपरेशन भू-मफिया

विशेष संवाददाता

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l जिले में भूमाफियाओं का गिरोह न केवल असहाय मकान मालिकों की संपत्ति पर नजर गड़ाए हुए है, बल्कि खुलेआम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कानून-व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति की धज्जियां उड़ा रहा है। ओबैद चिश्ती के मकान पर हालिया अवैध कब्जे की घटना ने यह साबित कर दिया है कि भूमाफिया और प्रशासनिक मिलीभगत का खेल बदस्तूर जारी है।

देवरिया जिले में भूमाफियाओं का गठजोड़ सिर्फ अपराधियों तक सीमित नहीं है, इसमें सीएम योगी के मंशा की खिलाफत करने वाले जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत इसे और मजबूत करने मे लगा है।

चर्चा है कि इस गिरोह में सरकार को बदनाम करने वाले कुछ पुलिसकर्मी, ग्राम प्रधान, शातिर अपराधियों के साथ कुख्यात वन माफिया,लकड़ी व्यवसायी, नगर पालिका का कर्मचारी, विकास भवन का बाबू व उसका बेटा, पूर्व में रहा भरौली बाजार का चर्चित लेखपाल गौरव सिंह, फल कारोबारी,जिले का मशहूर प्रॉपर्टी डीलर,भाजपा के कद्दावर नेता,दवा व्यवसायी,स्कूल संचालक,और कौमी एकता के नाम पर लोगों को गुमराह करने वाले तथाकथित नेता समेत तमाम लोग शामिल हैं। इनका काम मकान मालिकों के आपसी विवाद,घरेलू समस्याओं,अकेले रहने वाले व्यक्तियों, और कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बनाकर उनकी संपत्तियों पर कब्जा करना है। मामूली रकम का लालच देकर वे बैनामा करा लेते हैं और पीड़ितों का तरह तरह से उत्पीड़न करते हैं।

सूत्रों की मानें तो भूमाफियाओं का यह संगठित गिरोह जिले के सांसद और विधायकों से नजदीकियों का लाभ उठाकर अपनी हरकतों को अंजाम देता है। पुलिस प्रशासन पर इन जनप्रतिनिधियों का दबाव भूमाफियाओं के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करता है।

बताया जा रहा है कि यह गिरोह बीजेपी के कद्दावर नेताओं शातिर अपराधियों, वन माफिया, नगर पालिका कर्मचारियों, विकास भवन के बाबुओं, और तथाकथित सामाजिक नेताओं का समूह है। ये लोग असहाय मकान मालिकों, भाईयों में विवादित संपत्तियों, और अकेले रहने वाले व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं। जनप्रतिनिधियों के संरक्षण के कारण पुलिस इन भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने में फेल नजर आती है।वहीं ग्राम प्रधान, विकास भवन का बाबू, लेखपाल, और नगर पालिका कर्मचारी, हड़पने लायक संपत्तियों की जानकारी जुटाने का काम करते हैं।

शिकयत पत्र के अनुसार आरोप है की 18 जनवरी 2025 को रेलवे स्टेशन के पास स्थित ओबैद चिश्ती ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है की दुकान पर भूमाफियाओं ने धावा बोल दिया। जिसमें प्रमुख रूप से गुड्डू सिंह, शमशाद अहमद उर्फ़ गुड्डू फल वाले,पंकज तिवारी और आसिफ खान उर्फ़ सोनी जैसे कुख्यात भूमाफिया अपने दर्जनों दबंग साथियों के साथ पहुंचे और दिनदहाड़े ताला तोड़कर दुकान का सामान लूट लिया।पीड़ित ओबैद चिश्ती ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। रेलवे चौकी इंचार्ज संजय सिंह चंदेल मौके पर पहुंचे, लेकिन ठोस कार्रवाई के बजाय बैरंग लौट गए। घटना के बाद भूमाफियाओं ने मौके पर कब्जा कर लिया और दुकान में जबरन अपना सामान रख दिया। पीड़ित ने मुख्यमंत्री, डीजीपी, और एसपी को ऑनलाइन शिकायत भेजी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

यह पहला मामला नहीं है। 17 अप्रैल 2024 में रामनवमी के दिन, ओबैद चिश्ती के इसी विवादित मकान में स्थित न्यायलय में लंबित एक दुकान पर भी इसी गिरोह ने कब्जा कर लिया था।जिसे पुलिस ने मुक्त भी करा दिया था।बताते चले कि दो दर्जन से अधिक दबंगों ने दुकान में घुसकर तोड़फोड़ की और दुकानदार आशीष चौरसिया को घसीटकर बाहर फेंक दिया। सीसीटीवी में पूरी घटना कैद होने के बावजूद पुलिस ने केवल तीन आरोपियों को हिरासत में लिया और शांति भंग का मामूली चालान कर उन्हें छोड़ दिया।

सूत्रों का कहना है कि इस गिरोह ने फर्जी दस्तावेज और न्यायालय में लंबित मामलों का हवाला देकर पीड़ितों को धमकाना और संपत्ति हड़पना अपना पेशा बना लिया है। मकान खाली न करने पर रुद्रपुर के फतेहपुरा हत्याकांड जैसी घटनाओं की धमकी देना इनका पेशा बन गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए गए हैं। लेकिन देवरिया के जनप्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत मुख्यमंत्री की नीतितो का मजाक बन गया है। भूमाफिया जनप्रतिनिधियों के नाम का इस्तेमाल कर पुलिस को दबाव में रखते हैं और अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं।

देवरिया पुलिस की निष्क्रियता ने जिले के नागरिकों में आक्रोश बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमाफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, लेकिन जिले के कुछ पुलिसकर्मी इन निर्देशों को ताक पर रखे हुए हैं। रेलवे चौकी के पास लगातार हो रही घटनाएं पुलिस प्रशासन की साख पर बट्टा लगा रही हैं।

ओबैद चिश्ती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि भूमाफिया अब उनके और उनके किरायेदारों की जान को खतरा पैदा कर रहे हैं। अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो देवरिया में भूमाफियाओं की दबंगई और पुलिस की निष्क्रियता किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है।

इस प्रकरण पर सदर कोतवाल दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि इसकी जांच चौकी इंचार्ज को दी गई है।जाँच के बाद शीघ्र कार्यवाही की जायेगी।

लेकिन कोतवाल दिलीप सिंह के कथन से संदेह पैदा हो रहा है कि जिस चौकी इंचार्ज पर भू-माफियाओं से गठबंधन का आरोप लग रहा है वो इस मामले की क्या जाँच करेगा?

फिलहाल इस घटना के बाद स्टेशन रोड के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि दिनदहाड़े हुई इस घटना ने पुलिस-भूमाफिया गठजोड़ की पोल खोल दी है।

नवागत पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर, जिन्होंने देवरिया में पुलिस की सकारात्मक छवि बनाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं, उनकी छवि भी इस घटना के कारण प्रभावित हुई है। उन्होंने भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया था, लेकिन उनके ही अधीनस्थ अधिकारी मुख्यमंत्री के निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए भूमाफियाओं का साथ देते नजर आ रहे हैं।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

लेहड़ा स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आई युवती, तीन घंटे बाद हुई पहचान

बढ़नी-नकहा पैसेंजर ट्रेन से हुआ हादसा, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव महराजगंज (राष्ट्र की…

11 hours ago

तामेश्वरनाथ धाम में जलाभिषेक की तैयारियां तेज, एडीएम-एएसपी ने किया निरीक्षण

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को तामेश्वरनाथ धाम शिव मंदिर में…

11 hours ago

डीडीयू ने दिव्यांग पूर्व छात्र को दी ट्राइसाइकिल, आत्मनिर्भरता की पहल को मिला बल

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपने दिव्यांग पूर्व छात्र सुनील कुमार…

11 hours ago

संपूर्ण समाधान दिवस: तीनों तहसीलों में 224 शिकायतों की सुनवाई, 34 मामलों का मौके पर निस्तारण

खलीलाबाद में डीएम आलोक कुमार ने की जनसुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के…

11 hours ago

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समस्त वंचितों और जरुरतमंदों के लिए अग्रसर है: सचिव

पडरौना(राष्ट्र की परम्परा)l जिला जज और अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर संजीव कुमार त्यागी…

12 hours ago

शिक्षक स्थानांतरण में आ रही विसंगतियों के समाधान की मांग

परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ ने शिक्षा विभाग को सौंपा ज्ञापन पटना(राष्ट्र की परम्परा)l बिहार में शिक्षकों…

12 hours ago