क्यों जरूरी है मतदाता सूची का नियमित सत्यापन? जानिए पूरी प्रक्रिया

एसआईआर अभियान से डुमरियागंज में छूटे मतदाताओं का पंजीकरण, लोकतंत्र को मिली नई मजबूती

सिद्धार्थनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत छूटे हुए पात्र मतदाताओं का पंजीकरण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस अभियान का नेतृत्व सेहरी इस्टेट के कुंवर विक्रम सिंह ने किया। उनके मार्गदर्शन में विभिन्न बूथों पर मतदाता सूची का गहन परीक्षण कर उन नागरिकों की पहचान की गई, जिनका नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो सका था।
अभियान के दौरान मिठवल मंडल के अंतर्गत आने वाले बूथों की प्रकाशित मतदाता सूची का सूक्ष्म अध्ययन किया गया। पात्र मतदाताओं की सूची आवश्यक प्रमाणों के साथ बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को सौंपी गई। बीएलओ द्वारा दस्तावेजों की पुष्टि और संतुष्टि के बाद सभी छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में जोड़े गए। इस प्रक्रिया में फार्म-6 भरवाने के साथ-साथ ऑनलाइन पंजीकरण भी सुनिश्चित किया गया।
जिला सहकारी बैंक सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष कुंवर विक्रम सिंह ने इस अवसर पर कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। किसी तकनीकी त्रुटि या अन्य कारण से यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हट जाता है, तो उसे समय रहते सुधारना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे नियमित रूप से अपने नाम की स्थिति की जांच करें और किसी भी त्रुटि की जानकारी संबंधित अधिकारियों को तत्काल दें।

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अभियान के अंतर्गत मिठवल मंडल के सेहरी बुजुर्ग बूथ संख्या 390, 391, 392 तथा पेंडार के बूथ संख्या 411 के मतदाताओं का विशेष रूप से सत्यापन किया गया। बीएलओ से प्राप्त विवरण के आधार पर योग्य नागरिकों के फार्म भरवाकर उन्हें मतदाता सूची में शामिल किया गया। इससे बड़ी संख्या में ऐसे नागरिकों को मताधिकार का अधिकार प्राप्त हुआ, जो अब तक इससे वंचित थे।

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इस पहल का सीधा प्रभाव आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा, जहां मतदान प्रतिशत बढ़ने की प्रबल संभावना है। अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी से न केवल निष्पक्ष और मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुनिश्चित होगी, बल्कि जनप्रतिनिधित्व भी और अधिक सशक्त होगा। डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र में चला यह एसआईआर अभियान अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभरा है।

Editor CP pandey

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