जब जब तिरंगा लहराएगा
सिर गर्व से उठ जायेगा,
संघर्ष, बलिदान और समर्पण की गाथा
हर घर में गाया जायेगा।
संविधान की महिमा बढ़ेगी
फैलेगी प्यार, समरसता और शांति,
सशक्त बनेगा हर एक नागरिक
गणतंत्रता की नई पहचान बनेगी।
देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता की
रक्षा करना हमारा धर्म है,
न भूलेंगे सेनानियों की कुर्बानियां
हमारा मार्ग भी कुछ ऐसा ही प्रशस्त है।
आइए, निभा लें हम अपनी भी जिम्मेदारी
बनकर एक तिनका नीड़ का,
दे जाए अपना भी योगदान
कहलाए हम भी वंशज किसी वीर का।
इस्लामाबाद/काबुल (राष्ट्र की परम्परा)। पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तनाव के बीच अफगानिस्तान की सेना ने बड़ी…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के भिटौली थाना क्षेत्र में गुरुवार को हुए भीषण सड़क…
आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। आवास विकास क्षेत्र स्थित अंजलि धाम में हनुमान जन्मोत्सव इस वर्ष…
नागरिक देवो भव:भ्रष्टाचार-मुक्त भारत की ओर एक निर्णायक यात्रा- आम नागरिक के लिए सरकार का…
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)जनपद के ऑफीसर कॉलोनी भुजौटी निवासी राहुल ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय खलीलाबाद के पुरानी पुलिस लाइन स्थित शिव…