Tuesday, February 17, 2026
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जनपद के 56 क्रय केंद्रों पर की जाएगी गेहूं की खरीदारी

17 मार्च से 15 जून 2025 तक सभी गेहूं क्रय केंद्र रहेंगे सक्रिय

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह की अध्यक्षता में रबी विपणन वर्ष 2025-26 में गेहूं खरीद संबंधी कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को संपन्न हुआ। कार्यशाला के दौरान अपर जिलाधिकारी ने गेहूं खरीद के संबंध में बताया कि जनपद में अनुमोदित गेहूं क्रय केंद्रों की संख्या कुल 56 है। सभी क्रय केंद्र ऑनलाइन है। गेहूं क्रय की अवधि एवं क्रय केंद्र खोलने का समय दिनांक 17 मार्च 2025 से 15 जून 2025 तक प्रभावी रहेगा। सभी क्रय केंद्र प्रातः 8 बजे से सायं 8 बजे तक खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि गेहूं क्रय करने के दौरान किसी भी किसान को किसी प्रकार की समस्या न हो, उन्हें पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था तथा वाहन पार्किंग अनिवार्य रूप से सभी क्रय केंद्रों पर की जाए। जनपद में स्थापित क्रय केंद्रों पर कोई भी किसान सुविधा के अनुसार गेहूं बेच सकता है। यदि किसी एक जनपद से सटे हुए अन्य जनपद के किसान जहां समीप के क्रय केंद्र स्थापित हो अपना गेहूं बेचने के इच्छुक हैं तो यह निकटवर्ती जनपद में अपना गेहूं बेच सकते हैं। उन्होंने बताया कि 100 कुंतल तक की गेहूं मात्रा सत्यापन से मुक्त रहेगी परंतु इसका सत्यापन खरीद संपन्न होने के पश्चात कराया जा सकता है। यदि सत्यापन में पाया जाता है कि गेहूं गलत विवरण के आधार पर विक्रय किया गया है, तो पंजीकरण प्रपत्र में किसान द्वारा की गई घोषणा के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि टोकन व्यवस्था के अंतर्गत क्रय केंद्र पर कृषकों द्वारा क्रय पहले आओ, पहले पाओ के सिद्धांत पर किया जाएगा। परंतु यदि किसी क्रय केंद्र पर उसकी दैनिक खरीद क्षमता से अधिक किसान पहुंचते हैं तो कृषकों की सुविधा के लिए ऑफलाइन टोकन की व्यवस्था की जाएगी। क्रय केंद्रों पर महिला/वृद्ध/विकलांग कृषक उपस्थित होते हैं तो उन्हें तौल में वरीयता दी जाएगी। छोटे किसानों को गेहूं खरीद में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। लघु एवं सीमांत किसान जिनकी उपज 60 कुंतल से कम है उन्हें खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने सभी केंद्र प्रभारी को निर्देश दिए की अपने-अपने क्रय केंद्र पर ऐसा बैनर लगाए जिससे किसानों को गेहूं खरीद से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त हो सके। किसानों को विकृत मूल्य का भुगतान 48 घंटे के अंदर किया जाएगा।
जिला विपणन अधिकारी विनय प्रताप सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ परचेज के माध्यम से रबी विपणन वर्ष 2025-26 में इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ परचेज मशीन के माध्यम से किसानों के बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा क्रय केंद्रों/मोबाइल क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जाएगी। ई-पाप पर की गई खरीद के अतिरिक्त किसी भी खरीद को मान्यता नहीं जाएगी। ई-पाप मशीन के सुरक्षा एवं संचालन का दायित्व संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी का होगा। उक्त मशीन में किसी प्रकार की भौतिक क्षति होने पर उसकी क्षतिपूर्ति संबंधित क्रय एजेंसी से की जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराया गया गेहूं की उत्पादकता का 300% तक की मात्रा का विक्रय कृषकों द्वारा क्रय केंद्रों पर किया जा सकता है।
बैठक के दौरान जिला कृषि अधिकारी, जिला सहकारी कोऑपरेटिव अधिकारी सहित सभी केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे।

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