Wednesday, February 4, 2026
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आंदोलनकारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए खुद लड़नी होगी लड़ाई – पुष्कर महतो

हजारीबाग/रांची (राष्ट्र की परम्परा)। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, हजारीबाग के तत्वावधान में डिस्ट्रिक्ट मोड़ के समीप झारखंड आंदोलनकारियों की विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। आंदोलनकारियों ने राजकीय मान-सम्मान, अलग पहचान, बाल-बच्चों को रोज़गार एवं नियोजन की गारंटी, जेल जाने की बाध्यता समाप्त करने और सभी को समान रूप से ₹50,000 पेंशन देने की मांग उठाई।

धरना के पश्चात आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तरी छोटा नागपुर प्रमंडल के आयुक्त पवन कुमार को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मांग पत्र के आलोक में सरकार को पत्र प्रेषित किया जाएगा और आंदोलनकारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रमंडल प्रशासन संवेदनशील है।

आंदोलनकारियों ने निर्णय लिया कि 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण एवं सम्मान पत्र दिए जाने के निर्णय के समर्थन में 3 जनवरी 2026 को मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती के अवसर पर हजारों की संख्या में आभार यात्रा में भाग लेंगे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के बाल-बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए स्वयं संघर्ष करना होगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि आंदोलनकारियों को न्याय, सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिले। साथ ही उन्होंने 11 जनवरी 2026 से पूर्व दिशोम गुरु शिबू सोरेन को गजट नोटिफिकेशन जारी कर झारखंड आंदोलनकारी के रूप में सम्मानित करने की मांग की।

केंद्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो ने कहा कि झारखंड को लूट और शोषण से बचाना जरूरी है। जिन मूल्यों और संघर्षों के आधार पर झारखंड राज्य बना है, सरकार को उन्हें स्थापित कर आंदोलनकारियों के बच्चों को उनके अधिकार दिलाने चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला अध्यक्ष प्रवीण मेहता ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान ही राज्य का सम्मान है। यदि सरकार सम्मान पत्र दे रही है तो सम्मानजनक पेंशन राशि भी सुनिश्चित करनी होगी।

पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान से ही राज्य का निर्माण हुआ है। सरकार को आंदोलनकारियों को राजकीय मान-सम्मान, पेंशन और सभी सरकारी सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए।

कार्यक्रम में बटेश्वर मेहता, सुनीता कच्छप, ललित नारायण, जासो देवी, वीणा पाणी नंदी, राधे कुमार, विनोद पांडेय, सूरज जायसवाल, लालधन महतो, अबरार अंसारी, गणेश सीटू, ठाकुर राम महतो, भीम माझी, सहदेव महतो, हसनैन, भरत महतो, गोविंद महली, बालकिशून बेदिया, राजकुमार सिंह, भोला गुप्ता, श्रीकांत मेहता सहित सैकड़ों झारखंड आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

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