राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म और भारत की सांस्कृतिक विरासत पर बड़ा और प्रेरणादायी बयान दिया। लखनऊ में आयोजित स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह में उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म ने कभी किसी को गुलाम नहीं बनाया और न ही अपनी विचारधारा को किसी पर बलपूर्वक थोपा, बल्कि सदैव मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाया है।
सीएम योगी ने कहा कि भारत के पास सदियों से बल और बुद्धि दोनों रहे हैं, लेकिन कभी भी उनका दुरुपयोग नहीं किया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन परंपरा का मूल उद्देश्य विश्व कल्याण रहा है।
स्वामी विवेकानंद की भूमिका को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को अपनी बौद्धिक प्रतिभा के माध्यम से वैश्विक मंच पर स्थापित किया। शिकागो की धर्मसभा में उनका “मुझे गर्व है कि मैं हिंदू हूं” कहना भारत की आत्मा और सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक था। उस समय भारत विदेशी आक्रांताओं के कारण अपनी चेतना खो चुका था, लेकिन विवेकानंद ने देश को आत्मबोध कराया।
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भारत ने हमेशा शरण दी, अत्याचार नहीं
सीएम योगी ने विवेकानंद के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत ने संकट के समय दुनिया की शक्तियों को शरण दी, कभी किसी पर अपनी बात नहीं थोपी और न ही किसी को गुलाम बनाया। यही भारत की पहचान है।
आज भारत की ओर देख रही दुनिया
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज वैश्विक उथल-पुथल के दौर में दुनिया भारत से उम्मीद लगाए बैठी है। “मोदी जी कुछ करिए” जैसी आवाजें भारत की क्षमता पर वैश्विक विश्वास को दर्शाती हैं। इस विश्वास का सबसे बड़ा प्रतीक भारत का युवा है।
युवाओं को नशे से दूर रखना लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर पंचायत में खेल का मैदान बनाना है। “खेलोगे तो खिलोगे” के मंत्र से युवा नशे से दूर रहते हैं। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ अभियान में भागीदारी करने और नशा कारोबारियों को कुचलने का आह्वान किया।
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