कुशीनगर। (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार की वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति–2022 जनपद कुशीनगर में औद्योगिक निवेश को नई गति देने में अहम भूमिका निभा रही है। इस नीति के तहत लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों को आकर्षक अनुदान, कर छूट एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देशन में जिला प्रशासन निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।उपायुक्त उद्योग एवं जिला उद्योग उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र के उपायुक्त श्री अभय कुमार सुमन ने बताया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य आधुनिक लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम विकसित करना, परिवहन लागत में कमी लाना, आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इससे कुशीनगर को पूर्वांचल क्षेत्र में एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा सकेगा।नीति के अंतर्गत वेयरहाउसिंग परियोजनाओं पर अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक तथा लॉजिस्टिक्स पार्क पर 25 करोड़ रुपये तक की पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। पूर्वांचल क्षेत्र में निवेश करने पर 100 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क छूट, भूमि उपयोग परिवर्तन एवं विकास शुल्क में 75 प्रतिशत तक की राहत और 10 वर्षों तक विद्युत शुल्क में पूर्ण छूट दी जा रही है।इसके अतिरिक्त लॉजिस्टिक्स पार्क एवं ड्राई पोर्ट (ICD/CFS) परियोजनाओं को स्टाम्प शुल्क में पूर्ण छूट दी जाएगी। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए प्रति श्रमिक 6 माह तक 1000 रुपये प्रतिमाह प्रशिक्षण अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा।नीति के अनुसार लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए न्यूनतम 500 करोड़ रुपये निवेश और 25 एकड़ भूमि, वेयरहाउसिंग के लिए 20 करोड़, कोल्ड स्टोरेज के लिए 15 करोड़ तथा ड्राई पोर्ट के लिए 50 करोड़ रुपये निवेश एवं 10 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है।इच्छुक निवेशक निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने उद्यमियों से अपील की है कि वे इस नीति का लाभ उठाकर कुशीनगर में निवेश करें और औद्योगिक विकास के साथ रोजगार सृजन में सहभागी बनें।
वेयरहाउसिंग नीति से कुशीनगर में बढ़ेगा औद्योगिक निवेश
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