बिछुआ/मध्य प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में भारतीय शिक्षण मंडल के तत्वावधान में व्यास पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित करते हुए वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति में गुरु की भूमिका पर प्रकाश डाला।
प्राचार्य डॉ. आर.पी. यादव ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शक होता है।
डॉ. नवीन चौरसिया ने परंपरागत शिक्षा प्रणाली की प्रासंगिकता पर बल दिया।
डॉ. फरहत मंसूरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी ऊपर स्थान प्राप्त है। श्री मनीष ठाकुर और डॉ. मदन ठाकरे ने भी अपने विचार साझा किए और शिष्य के जीवन में गुरु की निर्णायक भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का संचालन मनीष पटेल ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. नीरज खंडागले ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शिक्षकों व स्टाफ की उपस्थिति रही। आयोजन ने गुरु-शिष्य परंपरा को पुनर्स्मरण कर एक सशक्त सांस्कृतिक संदेश देने का कार्य किया।
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