मतदाता सूची पुनरीक्षण: फॉर्म-7 में झूठ पर जेल का प्रावधान

फॉर्म-7 में गलत जानकारी पर एक साल की सजा, डीएम ने राजनीतिक दलों को किया सतर्क


मऊ (राष्ट्र की परम्परा)।अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अहम बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की, जिसमें जनपद के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल रहे। उद्देश्य साफ था—मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना।

ये भी पढ़ें – बिहार विधानसभा चुनाव 2025 पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, प्रशांत किशोर की याचिका खारिज

फॉर्म-6 पर जोर: नए व महिला मतदाताओं की भागीदारी
जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने राजनीतिक दलों से फॉर्म-6 के माध्यम से अधिक से अधिक नए, युवा और महिला मतदाताओं के नाम जुड़वाने की अपील की। स्पष्ट किया गया कि जो नागरिक 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष पूरे कर रहे हैं, वे मतदाता बनने के पात्र हैं। जागरूकता अभियानों से सूची अधिक समावेशी बनेगी।

ये भी पढ़ें – वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप: सपा ने बीजेपी पर साधा निशाना, मेंहदावल में सियासी घमासान

फॉर्म-7 के सख्त नियम: प्रमाण अनिवार्य
बैठक में फॉर्म-7 नियमों पर विस्तार से चर्चा हुई। किसी मतदाता का नाम हटाने के लिए आपत्तिकर्ता को पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर और EPIC नंबर दर्ज करना अनिवार्य है। साथ ही स्पष्ट कारण बताने होंगे—
मतदाता का निधन
स्थानांतरण,अंडरएज होना,लंबे समय से अनुपस्थिति,केवल आपत्ति दर्ज करना पर्याप्त नहीं, प्रमाण संलग्न करना अनिवार्य है।
झूठी जानकारी पर कड़ी कार्रवाई
डीएम ने चेताया कि फॉर्म-7 घोषणा पत्र अत्यंत गंभीर विषय है। यदि जांच में गलत या झूठी जानकारी पाई गई, तो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत एक वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। राजनीतिक दलों से अपने कार्यकर्ताओं को सही जानकारी देने का आग्रह किया गया।

ये भी पढ़ें – बिहार से कानपुर जा रहे सरिया ट्रक में बड़ा गबन, देवरिया में खुलासा

नो-मैपिंग और मिसमैच मतदाताओं की सुनवाई
जनपद में नो-मैपिंग और मिसमैच मतदाता मामलों में नोटिस जारी कर सुनवाई चल रही है। नोटिस प्राप्त मतदाताओं को तय तिथि पर AERO के समक्ष साक्ष्यों के साथ उपस्थित होना होगा। दोबारा नोटिस का इंतजार न करने की सलाह दी गई।
राजनीतिक दलों की समस्याएं, समाधान का आश्वासन
प्रतिनिधियों ने व्यावहारिक समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने सभी बिंदुओं पर निर्देश देते हुए भरोसा दिलाया कि निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुरूप समयबद्ध समाधान होगा।

ये भी पढ़ें – JRF परीक्षा में 99.78 परसेंटाइल, मऊ के आशुतोष सिंह की बड़ी कामयाबी

लोकतंत्र मजबूत करने की अपील
अंत में डीएम ने कहा कि निष्पक्ष और व्यापक मतदाता सूची ही स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है। प्रशासन-राजनीतिक दलों के समन्वय से यह लक्ष्य हासिल होगा।

Editor CP pandey

Recent Posts

12 लाख तक आय वाले पेंशनरों को आयकर आगणन की जरूरत नहीं

26 फरवरी तक 12 लाख से अधिक आय वालों को करना होगा आगणन प्रस्तुत, वरना…

45 minutes ago

रेलवे स्टेशन मार्ग व नाली निर्माण न होने पर भड़के रासद और सीपीआई कार्यकर्ता

नगरपालिका परिषद के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का ऐलान बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)शुक्रवार 6 फरवरी 2026 को सीपीआई…

46 minutes ago

देवरिया में बोलेरो पिकअप से गोवंशीय पशु बरामद, वाहन सीज

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन…

50 minutes ago

JRF परीक्षा में 99.78 परसेंटाइल, मऊ के आशुतोष सिंह की बड़ी कामयाबी

सपा नेता रणधीर सिंह के पुत्र आशुतोष सिंह ने JRF क्वालिफाई कर बढ़ाया मऊ जिले…

2 hours ago

बिहार से कानपुर जा रहे सरिया ट्रक में बड़ा गबन, देवरिया में खुलासा

🚨 बिहार से कानपुर जा रहा सरिया बीच रास्ते बेचने वाला ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार, 25…

3 hours ago

वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप: सपा ने बीजेपी पर साधा निशाना, मेंहदावल में सियासी घमासान

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। संत कबीर नगर जिले की मेंहदावल विधानसभा क्षेत्र में…

3 hours ago