उत्तर पुस्तिका में धनराशि मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई, 18 फरवरी से शुरू होंगी बोर्ड परीक्षाएं
बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परिषद के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी आदेश के क्रम में जनपद बलिया के सभी 132 परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिका में किसी भी प्रकार की धनराशि न रखें। यदि ऐसा पाया जाता है तो इसे अनुचित साधन माना जाएगा और संबंधित परीक्षार्थी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
परिषद के अनुसार 18 फरवरी से प्रारंभ होकर 12 मार्च 2026 तक चलने वाली बोर्ड परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और नियमबद्ध ढंग से संपन्न कराई जाएंगी। उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया को भी पूर्णतः पारदर्शी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व में कुछ मामलों में परीक्षार्थियों द्वारा गलतफहमी या अनुचित लाभ की आशा में उत्तर पुस्तिकाओं में रुपए रखे जाने की घटनाएं सामने आई थीं, जो परीक्षा की गरिमा और अनुशासन के विपरीत है।जारी निर्देश में कहा गया है कि परीक्षा शुरू होने से पूर्व सभी केंद्र व्यवस्थापक कक्ष निरीक्षकों के माध्यम से परीक्षार्थियों को स्पष्ट रूप से जागरूक करें कि उत्तर पुस्तिका में रुपए या किसी भी प्रकार की अवांछित सामग्री रखना दंडनीय अपराध है। यदि मूल्यांकन या संकलन के दौरान किसी उत्तर पुस्तिका में धनराशि पाई जाती है तो उसे तत्काल राजकोष में जमा कराया जाएगा तथा संबंधित परीक्षार्थी के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि जनपद के सभी 132 परीक्षा केंद्रों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी उत्तर पुस्तिका में धनराशि पाई जाती है तो संबंधित परीक्षार्थी के साथ-साथ ड्यूटी पर तैनात कक्ष निरीक्षक के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया कि परीक्षा केंद्रों पर सतर्कता बढ़ाई जाए तथा परीक्षार्थियों को परीक्षा नियमों के प्रति सजग किया जाए, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हो सके। परिषद के इस सख्त रुख को परीक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
