आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। खेरागढ़ के पास उटंगन नदी में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के बाद स्नान करने उतरे 13 युवक नदी के गहरे गड्ढे में फंस गए। इनमें से कई युवक बाहर नहीं निकल सके। अब तक पांच लाशें बरामद की जा चुकी हैं, जबकि बाकी की तलाश जारी है।
कैसे हुआ हादसा?
गांव कुसियापुर डूंगरवाला के प्रत्यक्षदर्शी आकाश ने बताया कि नदी में अचानक शोर मचा। तीन युवक डूब रहे थे, जिन्हें बचाने के लिए रस्सा डालकर प्रयास किया गया। एक युवक को बचा लिया गया लेकिन बाकी गहरे पानी में समा गए।
उन्होंने कहा कि नदी में गहरा गड्ढा था, जिसका किसी को अंदाजा नहीं था। इसी वजह से युवक भंवर में फंसते चले गए।
परिजनों का दर्द
प्रत्यक्षदर्शी मुकेश ने बताया कि उसका छोटा भाई किशन सिंह और चाचा का बेटा भी डूब गया। मूर्ति विसर्जन के बाद सभी युवक स्नान करने नदी में उतरे थे। एक-एक कर कई लोग डूबते गए और उन्हें बचाने की कोशिश में अन्य युवक भी पानी में समा गए।
पुलिस ने पहले दी थी चेतावनी
डूबे हुए करण के भाई ने बताया कि वे सभी पहले विसर्जन के लिए पुल पर पहुंचे थे। उस समय पुलिसवालों ने उन्हें वहां नहाने से मना किया। इसके बाद सभी युवक करीब 300 मीटर दूर दूसरे घाट पर चले गए और वहीं हादसा हो गया। कुछ ही देर बाद नदी किनारे बचाओ-बचाओ की चीखें गूंज उठीं।
मौत का मंजर
गांव वालों का कहना है कि हादसा इतना अचानक हुआ कि लोग सिर्फ चीखें सुनते और युवकों को डूबते देखते रह गए। जब तक पुलिस और गोताखोर पहुंचे, तब तक देर हो चुकी थी।
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