Wednesday, January 28, 2026
HomeNewsbeatUS vs China: जंग हुई तो कौन पड़ेगा किस पर भारी?

US vs China: जंग हुई तो कौन पड़ेगा किस पर भारी?

US vs China: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी है कि अगर कनाडा चीन के साथ किसी भी तरह का व्यापार समझौता करता है, तो अमेरिका उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लागू कर देगा। इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हलचल तेज हो गई है।

अमेरिका की यह नीति पहली बार नहीं देखी जा रही है। इससे पहले भी अमेरिका कई देशों पर तेल व्यापार, आयात-निर्यात और आर्थिक गतिविधियों को लेकर प्रतिबंध लगाता रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका और चीन के बीच सीधी टक्कर होती है, तो कौन सी महाशक्ति किस पर भारी पड़ेगी।

दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना: अमेरिका

अमेरिका को लंबे समय से दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत माना जाता है।
ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स के अनुसार अमेरिका की आर्मी, एयरफोर्स और नेवी दुनिया में सबसे मजबूत हैं।

वर्तमान में अमेरिका की

• आर्मी में लगभग 14 लाख जवान,
• एयरफोर्स में करीब 7 लाख सैनिक,
• और नेवी में 6 लाख से ज्यादा सैनिक तैनात हैं।

एयर पावर में अमेरिका का दबदबा

अमेरिका के पास 13,000 से अधिक एयरक्राफ्ट हैं, जिनमें

• 1,790 फाइटर जेट,

• और लगभग 5,000 हेलीकॉप्टर शामिल हैं।

इसके अलावा अमेरिकी सेना अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है, जिनमें ड्रोन टेक्नोलॉजी, मिसाइल डिफेंस सिस्टम और आधुनिक टैंक शामिल हैं।

ये भी पढ़ें – Maine Plane Crash: टेकऑफ के दौरान विमान हादसा, जांच जारी

परमाणु ताकत में भी आगे

अमेरिका परमाणु हथियारों के मामले में भी शीर्ष देशों में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की असली ताकत सिर्फ सैनिकों की संख्या में नहीं, बल्कि उसकी तकनीकी श्रेष्ठता, वैश्विक सैन्य नेटवर्क और युद्ध रणनीतियों में है।
अमेरिकी नौसेना दुनिया के किसी भी महासागर में तैनात होकर ऑपरेशन चलाने में सक्षम है, जिससे उसे वैश्विक स्तर पर बड़ी बढ़त मिलती है।

ड्रैगन भी किसी से कम नहीं: चीन

ताकत के मामले में चीन भी पीछे नहीं है।
ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स के अनुसार चीन की सेना दुनिया में तीसरे स्थान पर है और उसे 0.0788 पावर इंडेक्स अंक मिला है।

सैनिकों की संख्या में चीन आगे

चीन की

• आर्मी में 25 लाख से ज्यादा जवान,
• एयरफोर्स में 4 लाख से अधिक सैनिक,
• और नौसेना में करीब 3.8 लाख सैनिक तैनात हैं।

सैन्य तकनीक और हथियार

चीन के पास

• 3,000 से ज्यादा एयरक्राफ्ट,
• 1,212 फाइटर जेट,
• और 281 अटैक हेलीकॉप्टर हैं।

चीन की सेना भी आधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस है। हाल के वर्षों में चीन ने अपनी मिसाइल प्रणाली, नौसेना और समुद्री ताकत में तेजी से सुधार किया है। चीन भी एक परमाणु संपन्न देश है।

क्षेत्रीय प्रभुत्व की रणनीति

विशेषज्ञों के अनुसार चीन की ताकत सिर्फ संख्या तक सीमित नहीं है। उसकी रणनीति और क्षेत्रीय प्रभुत्व को लेकर की गई तैयारियां भी उसे मजबूत बनाती हैं।
चीन अपने पड़ोसी देशों के साथ सीमा विवादों और क्षेत्रीय मामलों में लगातार शक्ति प्रदर्शन करता रहा है, जो उसकी वैश्विक दबदबे की नीति का हिस्सा है।

ये भी पढ़ें – US-Iran Tensions: इंडिगो ने कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कीं

अगर अमेरिका-चीन में जंग हुई तो क्या होगा?

अगर दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियां, अमेरिका और चीन, सीधे युद्ध में उतरती हैं तो यह सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं होगी।
इसका असर

• वैश्विक बाजार,
• तेल की कीमतों,
• खाद्य आपूर्ति,
• और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा।

दोनों देशों के पास परमाणु हथियार होने के कारण यह टकराव बेहद विनाशकारी साबित हो सकता है। किसी भी तरह की सैन्य भिड़ंत पूरी दुनिया को गंभीर संकट में डाल सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप की कनाडा को दी गई चेतावनी से साफ है कि अमेरिका वैश्विक व्यापार और राजनीति में सख्त रुख अपनाए हुए है। वहीं, चीन भी अपनी सैन्य और आर्थिक ताकत के दम पर किसी से पीछे हटने को तैयार नहीं दिखता।
ऐसे में अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2025/10/action-research.html?m=1

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments