Sunday, March 22, 2026
HomeUncategorizedअंतर्राष्ट्रीय खबरेअमेरिका-पाकिस्तान F-16 अपग्रेड सौदा: 686 मिलियन डॉलर के पैकेज को मंजूरी, सैन्य...

अमेरिका-पाकिस्तान F-16 अपग्रेड सौदा: 686 मिलियन डॉलर के पैकेज को मंजूरी, सैन्य संबंधों में फिर बढ़ी गर्माहट

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग एक बार फिर मजबूत होता दिख रहा है। ट्रंप प्रशासन के विदेश विभाग ने पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान बेड़े को अपग्रेड करने के लिए 686 मिलियन डॉलर के बड़े रक्षा पैकेज को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी अमेरिकी डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) द्वारा 8 दिसंबर को कांग्रेस को भेजे गए पत्र से सामने आई है। अब यह प्रस्ताव 30 दिनों की समीक्षा प्रक्रिया से गुज़रेगा, जिसके बाद इसे लागू किया जाएगा।

यह अमेरिका-पाकिस्तान F-16 अपग्रेड सौदा लिंक-16 सिस्टम, क्रिप्टोग्राफिक उपकरण, उन्नत एवियोनिक्स, प्रशिक्षण और व्यापक लॉजिस्टिक सहायता जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी सुधारों को शामिल करता है। इन अपग्रेड्स से पाकिस्तान अपनी वायुसेना को आधुनिक खतरे से निपटने में अधिक सक्षम बना सकेगा, साथ ही अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ इंटरऑपरेबिलिटी भी मजबूत होगी।

DSCA के अनुसार यह पैकेज अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप है, क्योंकि इससे पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी अभियानों में अपनी भूमिका को बेहतर तरीके से निभा सकेगा। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह सौदा क्षेत्रीय सैन्य संतुलन को प्रभावित नहीं करेगा। अपग्रेड के लिए प्रमुख ठेकेदार लॉकहीड मार्टिन (टेक्सास) को नियुक्त किया गया है।

पाकिस्तान के लिए यह पैकेज इसलिए भी अहम है क्योंकि उसके पास वर्तमान में लगभग 75 F-16 विमान हैं, जिनमें से कई 1980 के दशक से सेवा में हैं। 2021 में पाकिस्तान ने इनके व्यापक अपग्रेड की मांग की थी, लेकिन द्विपक्षीय तनाव के कारण प्रक्रिया रुकी हुई थी। नए पैकेज से पाकिस्तान अपनी कम्युनिकेशन सिस्टम, सेंसर तकनीक और एवियोनिक्स को नवीनतम स्तर तक मजबूत कर सकेगा।

दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के साथ यह रक्षा सहयोग तब बढ़ रहा है जब भारत के “ऑपरेशन सिंदूर” और रूस के प्रति भारत की बढ़ती रणनीतिक निकटता पर वॉशिंगटन पहले ही नजर बनाए हुए है। वहीं पाकिस्तान हाल के वर्षों में चीन के साथ भी सैन्य साझेदारी बढ़ा चुका है, जिसमें J-10C जैसे उन्नत लड़ाकू विमान शामिल हैं।

फिर भी, DSCA ने अमेरिकी सांसदों की चिंताओं पर सफाई देते हुए कहा है कि यह पैकेज नए F-16 विमानों की खरीद नहीं है, बल्कि मौजूदा बेड़े के रख-रखाव और आधुनिकीकरण के लिए है। साथ ही, इसके लिए अमेरिका को अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की भी आवश्यकता नहीं होगी।

यह सौदा पाकिस्तान की वायुसेना को नई मजबूती देगा और दक्षिण एशिया के सामरिक परिदृश्य में नया संतुलन पैदा कर सकता है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments