Saturday, November 29, 2025
Homeउत्तर प्रदेशUP: मो. रजा का खतरनाक नेटवर्क – तीन टीमें, 300 वीडियो और...

UP: मो. रजा का खतरनाक नेटवर्क – तीन टीमें, 300 वीडियो और 13 टास्क; कोड वर्ड में देता था आदेश, अब आरोपियों का होगा आमना-सामना

फतेहपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश एटीएस ने हिंदू धर्मगुरुओं की हत्या की साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड मो. रजा के नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एटीएस की पूछताछ और कॉल डिटेल एनालिसिस में सामने आया है कि रजा का नेटवर्क यूपी से लेकर केरल तक फैला हुआ था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, मो. रजा ने अपनी तीन टीमें बनाई थीं, जिनके बीच 300 मजहबी वीडियो साझा किए गए और 13 अलग-अलग टास्क सौंपे गए थे। रजा की इस तथाकथित “मुजाहिद्दीन आर्मी” में फतेहपुर के भी कई लोगों के शामिल होने की आशंका है।

तीन टीमों का नेटवर्क और कोड वर्ड से काम

सूत्रों के अनुसार, रजा की टीमें आपस में एक-दूसरे को नहीं जानती थीं। सभी सदस्य कोड वर्ड के जरिए बातचीत करते थे।
यही वजह थी कि वे आसानी से आम लोगों के बीच साधारण जीवन जीते हुए अपने काम को अंजाम देते रहे।

रजा को हाल ही में केरल से यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। रिमांड के दौरान कई और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

मोबाइल और सोशल मीडिया से खुला नेटवर्क का राज

पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में एटीएस को सैकड़ों वीडियो और चैटिंग रिकॉर्ड मिले हैं।
इनमें धार्मिक कट्टरता फैलाने, हिंदू धर्मगुरुओं के बयानों पर नजर रखने और युवाओं को भड़काने जैसी सामग्री मिली है।
इसी आधार पर एटीएस को 13 टास्क और 300 वीडियो का पता चला है।

रजा के 13 प्रमुख टास्क

  1. शरिया कानून लागू करने के लिए धन जुटाना।
  2. जिहाद के लिए युवाओं को तैयार करना।
  3. सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी प्रचार फैलाना।
  4. आतंकी गतिविधियों की सतत निगरानी करना।
  5. हिंदू धर्मगुरुओं के बयानों पर नजर रखना।
  6. टीमों के बीच समन्वय बनाए रखना।
  7. दस्तावेज, फोन और आवश्यक सामान जुटाना।
  8. हथियारों की खरीद-फरोख्त का प्रबंधन करना।
  9. रहने की जगहों का नक्शा और जानकारी जुटाना।
  10. जांच एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रखना।
  11. आम लोगों की तरह व्यवहार कर छिपे रहना।
  12. जिहादी साहित्य एकत्र करना।
  13. अभियान के बाद छिपने की योजना तैयार करना।

आरोपियों का होगा आमना-सामना

एटीएस सूत्रों के अनुसार, रजा समेत पांचों आरोपियों का आमना-सामना कराया जाएगा ताकि नेटवर्क के भीतर की जानकारी और जिम्मेदारियों की पुष्टि की जा सके।
इसके साथ ही रजा के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच और बैंक खातों की पड़ताल भी की जाएगी, जिससे धन स्रोत और विदेशी संपर्कों का खुलासा संभव हो सके।

अंदौली गांव में सन्नाटा, परिवार को यकीन नहीं

फतेहपुर के अंदौली गांव में रजा के घर के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है।
परिवारजन अभी भी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि रजा किसी आतंकी गतिविधि में शामिल हो सकता है।
गांव के लोग भी इस मामले पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

जांच में जुटी एटीएस

एटीएस अब रजा की तीनों टीमों में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।
सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान फतेहपुर, लखनऊ और वाराणसी से भी कुछ गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
सुरक्षा एजेंसियाँ रजा के नेटवर्क को लेकर देशभर में सतर्क हो गई हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments