बेखौफ संचालित हो रहे बगैर मान्यता प्राप्त स्कूल, बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़

जिले के बागापार, परासखाड़, सहित मिठौरा, पनियरा, लक्ष्मीपुर, सिसवा व निचलौल में गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का मामला

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे व्यापक तौर पर जांच अभियान के बावजूद भी शिक्षा माफिया सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। वही जिले के सदर ब्लाक में बागापार परासखाड़ सहित सिसवा,नौतनवा बृजमनगंज,घुघुली, फरेंदा,परतावल निचलौल व पनियरा विकासखंड के अंतर्गत गैर मान्यता प्राप्त स्कूल नौनिहालों के जीवन से खिलवाड़ करने में लगे हुए है।क्षेत्र में कई स्कूल बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर शिक्षा के नाम पर जनता को धोखा देने का कार्य कर रहे है। इनमें अधिकतर स्कूल ऐसे हैं जिन्हें कम क्लास तक की कक्षाओं की मान्यता मिली हुई है और वे इसी मान्यता के आधार पर बड़े दर्जे तक की कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। किसी स्कूल को यदि आठवीं तक ही मान्यता मिली है तो वह किसी दूसरे स्कूल से खुद को अटैच कर दसवीं और बारहवीं की कक्षाओं को संचालित कर रहा है। प्राप्त समाचार के अनुसार गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे व्यापक तौर पर जांच अभियान के बावजूद भी शिक्षा माफिया सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। वही जिले के सदर ब्लाक में बागापार परासखाड़ सहित सिसवा, नौतनवां बृजमनगंज,घुघली, फरेंदा,परतावल, निचलौल व पनियरा विकासखंड के अंतर्गत गैर मान्यता प्राप्त स्कूल नौनिहालों के जीवन से खिलवाड़ करने में लगे हुए है। पिछले सत्र में कुल 51 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में से 34 स्कूलों को पनियरा बीआरसी के द्वारा नोटिस रिसीव करा दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद भी नए सत्र में इन स्कूलों को संचालित किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि 16 स्कूलों को बंद करा दिया गया है। लेकिन अभी इस सूची में से दर्जनों स्कूल चल रहे है। इससे स्पष्ट होता है कि जिले में शिक्षा माफिया सक्रिय है और उन्हें प्रशासन का कोई डर नही है। ऐसे में जिले के बड़े अधिकारी लाख दावा कर लें, लेकिन गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधकों में शासन का कोई खौफ नही है। वही सदर ब्लाक में बागापार परासखाड़ सहित सिसवा, नौतनवां बृजमनगंज,घुघली, फरेंदा,परतावल निचलौल व पनियरा विकास खण्ड में इसका पूरा हकीकत देखने को मिलेगा। पूर्व समय में पनियरा के दर्जनों स्कूलों को प्रशासन की तरफ से नोटिस दिया गया लेकिन इन स्कूलों पर इन नोटिसों से कोई असर नहीं हुआ है। इस प्रकार के स्कूल केवल कागजों में ही बंद हैं। जब कि हर ब्लाक स्तर पर दो सदस्यीय टीम का चयन करके जांच पड़ताल शुरू कर दिया गया है। लेकिन इन सबके बावजूद अभिभावकों को धोखे में रखकर नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दिया गया है।

Karan Pandey

Recent Posts

अनंत सिंह के ऐलान से JDU में हलचल! बिहार MLC चुनाव में नीरज कुमार के खिलाफ डॉ. अनुज सिंह को देंगे समर्थन

बिहार (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो…

4 hours ago

ISRO ने रचा इतिहास: GSLV-F17 से EOS-05 इमेजिंग सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च, PM मोदी बोले- देश के लिए गर्व का पल

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि…

4 hours ago

हिंसक जंगली जानवर ने आंगन में सो रहे युवक को बनाया शिकार, घर के पीछे झाड़ियों में मिला क्षत-विक्षत शव

महबूब नगर गांव में दहशत, ग्रामीणों का वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन; हिंसक जानवर की…

2 days ago

बहराइच में दिनदहाड़े चेन स्नैचिंग: ई-रिक्शा से जा रही महिला का मंगलसूत्र छीनकर भागे बाइक सवार बदमाश, CCTV में कैद हुई वारदात

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। मटेरा थाना क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े चेन स्नैचिंग…

2 days ago

देवरिया में सनसनी: ओवरब्रिज पर महिला पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला, राहगीरों ने बचाई जान

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया शहर के मालवीय रोड ओवरब्रिज पर सोमवार को उस समय…

4 days ago