डॉ. नानासाहेब धर्माधिकारी फाउंडेशन का उपक्रम
मुम्बई (राष्ट्र की परम्परा)
गणेश भक्तों द्वारा मंगलवार को भक्तिमय माहौल में अपने प्रिय गणपति बप्पा को विसर्जित कराया और अगले वर्ष में गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाते हुए जयकारे लगाए। इस अवसर पर उपनगरों में गिरगांव चौपाटी, जुहू चौपाटी, पवई तालाब के साथ-साथ मनपा द्वारा निर्मित कृत्रिम तालाब पर बड़े उत्साह के साथ गणेश मूर्ती का विसर्जन किया गया। इस अवसर पर डॉ. नानासाहेब धर्माधिकारी प्रतिष्ठान ने गिरगांव चौपाटी और जुहू चौपाटी पर निर्माल्य से खाद के निर्माण कि अनोखी पहल की। पद्मश्री महाराष्ट्र भूषण, डॉ. अप्पासाहेब धर्माधिकारी और रायगड भूषण, डॉ. सचिनदादा धर्माधिकारी के मार्गदर्शन में, फाउंडेशन के दस हजार सदस्यों ने गिरगांव चौपाटी और जुहू चौपाटी पर गणेश विसर्जन के लिए आए भक्तों से निर्माल्य जमा किये।.
फाउंडेशन की ओर से गिरगांव, जुहू में यंत्र जनरेटर भी लगाए गए। श्रीसदस्य निर्माल्य फूल-मालाओं से धागा हटा देते थे और केवल फूल-पत्तियाँ ही यंत्र में रख देते थे। उससे फूलों को कुचलकर बोरों में भर लिया गया। श्री सदस्या ने बताया कि खाद बनने के बाद इसका उपयोग किया जाएगा जहां फाउंडेशन की ओर से पौधे लगाए गए हैं। कुछ भक्तों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिष्ठान की इस पहल से निश्चित रूप से जल प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी.
प्रतिष्ठान की इस गतिविधि में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति की सदस्यों ने सराहना की बता दें कि हर साल श्रीगणेश विसर्जन के दौरान निर्माल्य के डॉ. नानासाहेब धर्माधिकारी प्रतिष्ठान की पहलकी केंद्र और राज्य सरकार सराहना करती है। इस साल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने श्रीसदस्य का आभार व्यक्त किया. इस समय श्रीसेवा करने में भी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आनंद लिया।
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