बलिया (राष्ट्र की परम्परा)l किसानों को अपनी मिट्टी की सेहत की जांच के लिए लैब नहीं जाना होगा। कृषि विभाग खुद अलग-अलग लोकेशन पर जा कर मिट्टी का सैंपल लेकर जांच करेगा और रिपोर्ट ऐप पर अपलोड करेगा। यही नहीं इसकी रिपोर्ट संबंधित किसानों को भी भेजी जाएगी। इसकी कवायद शुरू हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने एसएचसी ऐप से लोकेशन निर्धारित कर मृदा नमूना एकत्र करने की सूची कृषि विभाग को भेजी है। इसमें जनपद के 17 ब्लॉकों के 340 गांवों से नमूना एकत्र कर मृदा परीक्षण मई महीने के अंत तक पूर्ण करने तथा जून के पहले सप्ताह तक मृदा परीक्षण रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर सम्बंधित किसान के मोबाइल पर 340 गांवों की भेजी गई है सूची मई के अंत तक होगा परीक्षण के लिए मिट्टी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। क्योंकि इसके बाद किसान विशेषज्ञों से परामर्श कर इसका उपाय खोज पायेंगे। खेत की मिट्टी किस प्रकार की फसल के लिए अधिक उपजाऊ है, मिट्टी के अम्लीयता व क्षारीयता की क्या स्थिति है, इसकी जानकारी भी कृषकों को होनी चाहिए ताकि किसान खेतों में उन ही फसलों की बुआई करेंगे और अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करेंगे। अब से पहले किसानों को खुद मिट्टी लेकर प्रयोगशाला जाना पड़ता था और रिपोर्ट के लिए महीनों इंतजार करना होता था। अब सरकार की ओर से लांच किए गए पोर्टल पर जांच उपलब्ध होगी
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