महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोठीभार थाना क्षेत्र अंतर्गत अहिरौली ग्राम पंचायत में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार बेखौफ तरीके से जारी है। नियम-कानूनों को ताक पर रखकर दिन और रात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी की धड़ल्ले से ढुलाई की जा रही है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की संकरी सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ती ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगातार शोर, धूल और प्रदूषण फैला रही हैं। इससे बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की जान पर हमेशा खतरा बना रहता है। रामललीत, सुनील राज सिंह, राधेश्याम शर्मा, लल्लन और श्याम सुंदर सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय भारी वाहनों की आवाज से नींद लेना तक मुश्किल हो गया है। कई बार हादसे होते-होते बचे, लेकिन जिम्मेदार अब तक मौन हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन की शिकायतें कई बार थाना स्तर से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक की गईं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि प्रशासनिक संरक्षण न होता तो यह अवैध कारोबार इतने लंबे समय तक इस तरह नहीं चल पाता।
स्थिति की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि गांव के स्कूल के पास मुख्य मार्ग पर लगा निगरानी कैमरा लंबे समय से खराब पड़ा है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि सीसीटीवी कैमरा चालू होता, तो अवैध खनन और तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर निगरानी रखी जा सकती थी। कैमरे की अनदेखी भी कई सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब अवैध मिट्टी खनन पर रोक लगाने, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की सघन जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन ग्रामीणों की पीड़ा पर संज्ञान लेता है या फिर अवैध खनन का यह खेल यूं ही जारी रहेगा।
