गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर द्वारा आयोजित “हमारे संग्रहालयः भारतीय ज्ञान का वातायन” विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला का समापन शुक्रवार को यशोधरा सभागार में सम्पन्न हुआ। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव, महापौर नगर निगम गोरखपुर ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।
महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि बौद्ध संग्रहालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम भारतीय संस्कृति के ज्ञान-विस्तार का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। संग्रहालय न केवल अतीत के संरक्षक होते हैं, बल्कि भविष्य के लिए सांस्कृतिक विरासत के संवाहक भी हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम गोरखपुर में भी शहर के इतिहास को संरक्षित करने के उद्देश्य से संग्रहालय विकसित किया जा रहा है। उन्होंने संग्रहालय द्वारा आयोजित कार्यशालाओं, संगोष्ठियों और शैक्षिक गतिविधियों को विद्यार्थियों व शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
समापन सत्र से पूर्व वैज्ञानिक डॉ. संघर्ष राव (रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन्स सेंटर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश) ने “डिजिटल हेरिटेज मिशन: स्मार्ट संग्रहालयों और भारतीय ज्ञान प्रणाली के प्रसार हेतु LiDAR एवं GIS का उपयोग” विषय पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं वरिष्ठ विरासत संरक्षक अशोक कुमार उपाध्याय (लखनऊ) ने पांडुलिपियों के क्षरण के कारण एवं उनके प्राथमिक उपचार पर प्रकाश डाला तथा संरक्षण संबंधी औषधियों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में लगभग 130 प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जिनमें संत कबीरनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, बस्ती, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, जौनपुर और वाराणसी सहित बिहार एवं उत्तराखंड के प्रतिभागी शामिल रहे। कार्यशाला में गणित, भूगोल, जीवविज्ञान, शिक्षा शास्त्र, इतिहास एवं पुरातत्व विषयों के शिक्षक व प्रतिभागियों ने भाग लिया।
संग्रहालय के उप निदेशक डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने संगोष्ठी की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि 19-20 मार्च तक आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया। दो दिनों में पांच तकनीकी सत्र आयोजित हुए, जिनमें आठ मुख्य वक्तव्यों के माध्यम से महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
समापन सत्र का संचालन आकाशवाणी की वरिष्ठ कलाकार रीता श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर डॉ. देव प्रकाश शर्मा एवं तारामंडल गोरखपुर के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
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