गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 20 से 25 मार्च तक “कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डिजाइन से विनिर्माण” विषय पर एक सप्ताह का संकाय विकास कार्यक्रम शुरू हुआ। इस कार्यक्रम को देशभर के 31 से अधिक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. राहुल कुमार कर रहे हैं।
कार्यक्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) वाराणसी, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, जीएलए विश्वविद्यालय तथा पी. पी. सवानी विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। उन्होंने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए आधुनिक अभियांत्रिकी शिक्षा एवं अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्रो. जीऊत सिंह ने यांत्रिक अभियांत्रिकी में एआई के उपयोग और डिजाइन व विनिर्माण प्रक्रियाओं में इसके प्रभाव को रेखांकित किया। स्वागत भाषण अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. हिमांशु पांडेय ने दिया।
कार्यक्रम हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में आयोजित किया जा रहा है, जिससे व्यापक सहभागिता सुनिश्चित हो रही है। इसे ऑटोडेस्क द्वारा संचालित तथा ट्विनटेक इंजीनियरिंग एंड डिजाइन टेक प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) सरनजीत सिंह, कुलपति, केआईआईटी डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय ने यांत्रिक अभियांत्रिकी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोगों पर अपने विचार साझा करते हुए नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। अंत में प्रो. एस. एन. तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के प्रमुख संसाधन व्यक्तियों में डॉ. निशा सिंह एवं डॉ. सैगीता प्रियदर्शिनी शामिल हैं। इस संकाय विकास कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को एआई आधारित उपकरणों एवं तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना तथा डिजाइन एवं विनिर्माण के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है।
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