Turkman Gate Bulldozer Action: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर आधी रात में चली MCD की बुलडोजर कार्रवाई अब बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। इस कार्रवाई के दौरान पथराव, उपद्रव और पुलिस पर हमले के वीडियो सामने आए हैं। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर कई को हिरासत में लिया है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दिन में क्यों नहीं की गई?और अगर निर्माण अवैध था, तो 20 साल तक सरकारी एजेंसियां क्या करती रहीं?
आधी रात में क्यों चला बुलडोजर?
मंगलवार (06 जनवरी 2026) की रात करीब 12 बजे तुर्कमान गेट इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
• 12:30 बजे: 32 बुलडोजर, 50 डंपर और 200 से ज्यादा मजदूर मौके पर पहुंचे
• 1:00 बजे: कार्रवाई की तैयारी
• 1:23 बजे: पुलिस पर पथराव शुरू
• 1:30 बजे: बुलडोजर एक्शन शुरू
• सुबह 7 बजे: कार्रवाई पूरी
करीब 5.5 घंटे तक लगातार अवैध निर्माण गिराया गया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का भी इस्तेमाल करना पड़ा।
रात में कार्रवाई पर पुलिस की सफाई
जब एबीपी न्यूज़ ने डीसीपी से पूछा कि दिन में कार्रवाई क्यों नहीं हुई, तो उन्होंने कहा—
“दिन में ITO इलाके में भारी ट्रैफिक जाम की आशंका थी। MCD ने जिस समय सुरक्षा मांगी, उसी समय फोर्स उपलब्ध कराई गई।”
वर्षों तक अवैध निर्माण कैसे चलता रहा?
स्थानीय लोगों और याचिकाकर्ता का आरोप है कि—
• बारात घर को बने 20 साल से ज्यादा हो चुके थे
• विवादित जमीन पर 7–8 साल से डायग्नोस्टिक सेंटर चल रहा था
• कई बार शिकायत के बावजूद MCD और अन्य एजेंसियों ने कोई कार्रवाई नहीं की
याचिकाकर्ता का सवाल है—
“अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो क्या आज ये हालात बनते?”
हाईकोर्ट की भूमिका और टाइमलाइन
• Save India Foundation ने MCD से अवैध अतिक्रमण की शिकायत की
• 16 अक्टूबर 2025: DDA, MCD और L&DO का संयुक्त सर्वे
• सर्वे में 36,428 स्क्वायर फीट जमीन पर अवैध निर्माण पाया गया
• 12 नवंबर 2025: हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया
• 22 दिसंबर 2025: MCD ने माना कि अधिकतर जमीन पर वक्फ बोर्ड का कोई अधिकार नहीं
• 6 जनवरी 2026: हाईकोर्ट में सुनवाई
• उसी रात बुलडोजर एक्शन
सियासी घमासान तेज
इस कार्रवाई के बाद राजनीति भी गरमा गई है—
• सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी पर भीड़ भड़काने का आरोप
• कांग्रेस सांसद इमरान मसूद बोले— “कितनी मस्जिद तोड़ोगे?”
• AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने कार्रवाई को मुसलमानों पर जुल्म बताया
• AIMIM ने इसे “यूपी मॉडल” करार दिया
• BJP का कहना है— “धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश की गई”
बड़ा सवाल: अतिक्रमण हटाना अमन के लिए खतरा क्यों बन जाता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब सरकारी एजेंसियां वर्षों तक अवैध निर्माण पर आंख मूंदे रहती हैं, तो वह धीरे-धीरे धार्मिक और भावनात्मक मुद्दा बन जाता है। बाद में जब अचानक बुलडोजर चलता है, तो हालात बिगड़ने की आशंका बढ़ जाती है।
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