Monday, March 23, 2026
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देवरिया में ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई की तैयारी, क्रिटिकल कॉरिडोर टीम हुई हाईटेक

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात नियमों के सख्त अनुपालन को सुनिश्चित करने की दिशा में पुलिस प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन के निर्देशन में जनपद की क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों को आधुनिक यातायात उपकरणों के उपयोग को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने और यातायात नियमों के उल्लंघन जैसी गंभीर समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में पहल
जनपद देवरिया में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए यातायात पुलिस द्वारा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यातायात प्रभारी देवरिया गुलाब सिंह ने स्वयं प्रशिक्षण का नेतृत्व करते हुए पुलिसकर्मियों को आधुनिक तकनीकी उपकरणों की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आज के समय में केवल मैन्युअल चेकिंग पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीक का सही उपयोग ही सड़क सुरक्षा को मजबूत बना सकता है।
चार थाना क्षेत्रों की टीमों को मिला प्रशिक्षण
यह विशेष प्रशिक्षण थाना कोतवाली, गौरीबाजार, रामपुर कारखाना एवं थाना रूद्रपुर क्षेत्र की क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों को दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को स्पीडोमीटर, ब्रेथ एनालाइजर और बॉडीवॉर्न कैमरा जैसे आधुनिक उपकरणों के सही, कानूनी और प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।
स्पीडोमीटर से ओवरस्पीडिंग पर सख्त कार्रवाई
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि स्पीडोमीटर के माध्यम से निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार से चलने वाले वाहनों की सटीक पहचान की जाएगी। ओवरस्पीडिंग सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है, ऐसे में इस तकनीक के जरिए तेज गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि वाहन चालकों में भी नियमों के प्रति डर और जागरूकता पैदा होगी।
ब्रेथ एनालाइजर से नशे में वाहन चलाने वालों पर नकेल
नशे की हालत में वाहन चलाना सड़क सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जाता है। यातायात प्रभारी ने बताया कि ब्रेथ एनालाइजर की मदद से शराब पीकर वाहन चलाने वालों की तुरंत पहचान की जाएगी। ऐसे चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे जनपद में ड्रंक एंड ड्राइव की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
बॉडीवॉर्न कैमरा से पारदर्शिता और भरोसा
बॉडीवॉर्न कैमरा के उपयोग को लेकर भी पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बॉडी कैमरा से हर कार्रवाई रिकॉर्ड होगी, जिससे पुलिस की कार्यवाही में पारदर्शिता आएगी। इससे एक ओर जहां अनावश्यक विवादों से बचा जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर आम जनता का पुलिस पर भरोसा भी बढ़ेगा।
ई-रिक्शा के विरुद्ध चला विशेष चेकिंग अभियान
प्रशिक्षण के साथ-साथ कोतवाली क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों के खिलाफ एक विशेष चेकिंग अभियान भी चलाया गया। इस दौरान ई-रिक्शा चालकों के कागजातों की गहन जांच की गई। जिन वाहनों के दस्तावेज पूर्ण एवं वैध पाए गए, उन्हें नियमानुसार नंबरिंग प्रदान की गई।
वहीं जिन ई-रिक्शा चालकों के पास आवश्यक कागजात नहीं थे या जो यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे थे, उन्हें मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और भविष्य में नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई।
यातायात पुलिस का मुख्य उद्देश्य
यातायात प्रभारी गुलाब सिंह ने स्पष्ट किया कि इस पूरे अभियान और प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनता को दंडित करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। नियमों का पालन करने से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और अनमोल जानें बचाई जा सकती हैं।
आम जनता से सहयोग की अपील
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें और नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें। पुलिस और जनता के आपसी सहयोग से ही सुरक्षित सड़कों का सपना साकार हो सकता है।
देवरिया में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रुख
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि देवरिया पुलिस अब सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित पुलिस बल और सख्त निगरानी के माध्यम से आने वाले दिनों में जनपद की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

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