कविता
समय की चाल भी
अनोखी है
यूं ही चलती रहती है
जब हो किसी का
इंतजार,
तो काटे नहीं कटती है
और हो अगर जल्दी
तो सरपट
दौड़ लगाती है
कहते हैं
समय से अच्छा
कोई दोस्त नहीं होता
गर करो सदुपयोग
तो कभी यह
दगाबाज नहीं होता
समय की महत्ता को जो
समझ पाया है
उसने ही जीवन में
बुलंदियों को पाया है।
● अनुराधा श्रीवास्तव”अंतरा”
प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं-अभिरुचि कार्यशाला: राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला का शुभारंभ गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)।…
प्रस्तावनाएपिसोड 11 में हमने सीखा कि धैर्य ही सच्ची विजय का आधार है।अब एपिसोड 12…
1मध्य प्रदेश/भोपाल (राष्ट्र की परम्परा)। भोपाल जिले में 11वीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म के…
मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मंगलवार को एक…
बरहज में बड़ा हादसा: साइकिल अनियंत्रित होकर सरयू नदी में गिरे युवक की तलाश जारी,…
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली में मंगलवार (3 फरवरी) को दिनभर घना कोहरा…