पीपे के पुल पर रेलिंग न होने से बढ़ा खतरा, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल

बरहज में बड़ा हादसा: साइकिल अनियंत्रित होकर सरयू नदी में गिरे युवक की तलाश जारी, दूसरे दिन भी SDRF जुटी नहीं मिला युवक

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जनपद के बरहज क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फॉर्म भरवाने के बाद गांव लौट रहे एक युवक की साइकिल अनियंत्रित होकर पीपे के पुल से सीधे सरयू नदी में जा गिरी। युवक साइकिल समेत नदी में डूब गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन को सूचना दी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार दोपहर लगभग ढाई बजे परसिया देवार निवासी धरमु प्रसाद (35), पुत्र स्वर्गीय हरिराम प्रसाद, बरहज से अपने गांव की ओर साइकिल से जा रहे थे। जैसे ही वे पीपे के पुल पर पहुंचे, संतुलन बिगड़ने से उनकी साइकिल रेलिंग विहीन पुल से फिसलकर सरयू नदी में गिर गई। तेज धारा के कारण युवक देखते ही देखते पानी में समा गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। सोमवार को स्थानीय गोताखोरों की मदद से काफी देर तक खोजबीन कराई गई, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। मंगलवार को SDRF की टीम को बुलाया गया। SDRF ने सघन तलाशी अभियान चलाते हुए नदी से युवक की साइकिल बरामद कर ली, लेकिन समाचार लिखे जाने तक युवक का पता नहीं चल पाया था। दूसरे दिन भी तलाश अभियान जारी रहा।
घटना को लेकर इलाके में आक्रोश फैल गया। मंगलवार सुबह समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सरयू नदी किनारे धरना-प्रदर्शन किया। सपा नेता विजय रावत और मुरली मनोहर जायसवाल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पुल पर रेलिंग न लगाए जाने की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है, जो सीधे तौर पर जिम्मेदारों की घोर उदासीनता को दर्शाता है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए तथा पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। धरना-प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष गेना लाल यादव, विकास यादव, रामबाहाल यादव, ग्राम प्रधान ओमप्रकाश यादव, मंजनाथ यादव सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीपे के पुल से पहले भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए। अब इस हादसे ने पुलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि तलाश अभियान जारी रहेगा और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Editor CP pandey

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