Thursday, February 19, 2026
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मुकुंद नगर के गटर और रोड के निर्माण में बड़े घोटाले की संभावना

मुंबई(राष्ट्र की परम्परा)
राम भरोसे चल रहे मुकुंद नगर में रोड और गटर के नवनिर्माण से स्थानीय नागरिक त्रस्त हैं। करीब पांच- छ माह पहले ईगल इंफ़्रा इंडिया लिमिटेड के इस काम का भूमिपूजन कांग्रेस के पूर्व नगरसेवक राजन महुलकर ने किया था। कछुए की चाल, चल रहे रोड और गटर के कार्यों में अनेकों खामियां हैं , चूंकि इसकी जांच करने वाला कोई नहीं है। इस मुद्दे पर रोड डिपार्टमेंट के सहायक अभियंता रंजीत राजपूत से बात करने पर उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए सिर्फ यह बताया कि फरवरी से मैं चुनाव की ड्यूटी में व्यस्त हुं , इस लिए मेरे पास ताजा जानकारी नहीं है। बता दें कि घटिया सामाग्री से बन रहे तकरीबन 175 X 08 मीटर के रोड और बाजू में गटर के कार्यों की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए।
इसमें बड़े घोटाले की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।
गौरतलब है कि चेंबूर वाशीनाका परिसर के मुकुंद नगर में बन रहे नवनिर्मित गटर और रोड के कार्यों की जिम्मेदारी मनपा ने चीफ इंजीनियर पाटील को दी गई है। हालांकि इसके लिए मनपा ने गुणवत्ता प्रबंधन के लिए(क्वालिटी मैनेजमेंट एजेंसी ) को भी बहाल कराया है। मनपा द्वारा गुणवत्ता प्रबंधन के लिए केतन दीक्षित को नियुक्त किया गया है। वहीं मुकुंद नगर में चल रहे नवनिर्माण कार्य के लिए“कार्यपालक” (एग्जीक्यूटिव) इंजीनियर के तौर पर सुनील मोदी और सब इंजीनियर अमित देसाई हैं। इतनी बड़ी टीम होने के बावजूद राम भरोसे चल रहे नवनिर्मित गटर और रोड के गुणवत्ता पर अभी से सवाल उठने लगे हैं। करोड़ो की लागत से बन रहे मुकुंद नगर के गटर और रोड की उम्र क्या होगी ? इस परियोजना के साइड इंजीनियर श्रीमंत खरटमोल ने दिसंबर के अंत में इस संवाददाता से कहा था कि महज 40 दिनों के अंदर इस काम को पूरा कर लिया जायेगा। डंके की चोट पर मुकुंद नगर के गटर और रोड के कार्यों को पूरा करने का दावा करने वाले खरटमोल , अब खामोश हैं।
उल्लेखनीय है कि ईगल इंफ़्रा इंडिया लिमिटेड ने शुरूआती दौर में काफी धीमी गति से काम करना शुरू किया था। ताकि चुनाव के दौरान मनपा के अभियंताओं की अनुपस्तिथि में जैसे -तैसे इस काम को पूरा कर लिया जाये। बता दें कि घटिया सामाग्री से बनने वाले तकरीबन 175 X 08 मीटर के रोड की गुणवत्ता की जांच होनी चाहीये। इसके आलावा रोड के बाजू में बने गटर की चौड़ाई , गहराई और ऊंचाई आदि की जांच के साथ इसमें इस्तेमाल हुए सभी सामाग्री की भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि जनता की गाढ़ी कमाई से बनने वाले इस रोड और गटर के कार्यों में अनेकों खामियां हैं। इस कड़ी में दिलचप्स बात यह है कि रोड और गटर के गुणवत्ता को लेकर स्थानीय नागरिक आरटीआई डालने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि सही और गलत का पता लगाया जा सके। मुकुंद नगर के नागरिकों ने मनपा के आला अधिकारीयों से अपील की है कि रोड और गटर के गुणवत्ता की जांच पूरा होने के बाद ही ठेका कंपनी का बील पास किया जाये।

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