Thursday, February 19, 2026
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वेटरिनरी ट्रेंनिंग कर ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक पशु चिकित्सा करने वाला दुर्घटना का शिकार युवक कोमा में

भाटपार रानी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)

विगत 28 जुलाई रविवार रात करीब 9,30 पर ग्राम सोहनपुर टोला माधईपुर निवासी लालबाबू सिंह का पुत्र सुजीत कुमार सिंह उम्र करीब 28 वर्ष जो वेटरनरी ट्रेनिंग किया है वह ग्राम क्षेत्र में प्राथमिक पशु चिकित्सा का कार्य /इलाज कार्य किया करता था वह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भाटपार रानी के तरफ दवा लेने हेतु जा ही रहा था कि उक्त युवक दुर्घटना का शिकार हो सड़क पर गिरा पाया गया था। वहीं करीब 25 रोज से युवक इलाज रत होने के वावजूद भी कोमा में है। अभी जीवन एवं मौत से जूझ रहा है।
प्राप्त समाचार के मुताबिक उक्त युवक के द्वारा वेटरनरी ट्रेनिंग लेकर अपने ग्राम क्षेत्र में प्राथमिक पशु चिकित्सा का कार्य किया जाता था इस बीच तबीयत खराब होने पर अपने घर से करीब 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित भाटपार रानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तरफ देर रात करीब 9,30 pm पर दवा लेने हेतु जा ही रहा था कि अचानक किसी अज्ञात कारण बस दुर्घटना का शिकार हो गया था जो कि उसे सड़क पर गिरा देख कर कुछ लोगों द्वारा पॉकेट में रक्खे आधार कार्ड एवं पास में मौजूद मोबाइल के आधार पर सोहनपुर निवासी उक्त युवक के घर परिजनों को सूचना मिली दे दी गई थी तत्पश्चात इलाज हेतु –

युवक को परिजनों के द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भाटपार रानी पर ले जा कर प्राथमिक इलाज के उपरान्त ही फौरन युवक को देवरिया रेफर किया गया था। जबकि देवरिया मेडिकल /सदर के सरकारी चिकित्सकों द्वारा महज ही आधे घण्टे भर में ही वहां से गोरखपुर मेडिकल में अथवा कहीं बाहर ले जा कर दिखाने को बोल दिया गया। इस बीच घबड़ाए परिजन द्वारा गुरु गोरखनाथ हॉस्पिटल ले कर जाया गया किन्तु फिर भी इलाज नहीं मिल सका क्यों की उस दिन वहां कोई भी न्यूरो का डाक्टर नहीं था तब जा कर परिजनों ने स्थिति बिगड़ते देख प्राइवेट नर्सिंग होम आइकॉन हॉस्पिटल गोरखपुर में ले जाकर इलाज शुरू कराया गया जो निरंतर जारी है इस बीच युवक का कोमा में रह कर इलाज चल रहा है। जबकि वह जीवन और मौत से जूझ रहा है। वहीं परिजनों का युवक के इलाज में लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी युवक के सेहत में कोई संतोष जनक सुधार नहीं होने से परिजनों सहित स्थानीय जनता को काफी निराशा हाथ लगी है एवं परिजनों को आर्थिक क्षति का भी सामना करना पड़ा है। जबकि वहीं देवरिया में सरकारी हॉस्पिटल आज कल महज ही मरीजों को यहां वहां जहां-तहां रेफर करने तक ही सीमित होकर रह गए हैं क्यों की विशेषज्ञ डॉक्टर का अभाव जिले का सभी सीएचसी, पीएचसी, एवं न्यू पीएचसी झेल रहे हैं जिससे तमाम सीएचसी पर इमरजेंसी इलाज तक की व्यवस्था का अभाव है जिसमें बनकटा भुंडवार सीएचसी एवं भाटपार रानी सीएचसी प्रमुख हैं। जबकि सरकार एवं जिले के चिकित्सा विभाग के द्वारा स्वास्थ्य बदहाली से युवक के घर के अगल बगल में स्थित बनकटा, भूड़वार, बंजरिया, प्रताप छापर, बनकटिया दुबे, सोहनपुर, छेरिहा, एकडंगा, सिक रहटा,बभ नौली, बलुआ, पांडे गुंडी, कोठा, गोरया, ये सभी ग्राम इमरजेंसी इलाज तक का व्यवस्था बनकटा भुंडवार सीएचसी पर नहीं होने से यहां के काफी जनता द्वारा इलाज का अभाव झेला जा रहा है वहीं इस वजह से जनता में काफी मायूसी एवं आक्रोश भी सत्ता के प्रति दिख रही है।

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