बालमंच पत्रिका के माध्यम से बाल कलाकारों के कृतियों को मिल रही पहचान

पटना (राष्ट्र की परम्परा)। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा और रचनात्मकता को केवल विद्यालयों तक सीमित न रखते हुए, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से टीचर्स ऑफ़ बिहार द्वारा बालमंच पत्रिका की शुरुआत की गई थी। यह पत्रिका बच्चों के मन में कला, सृजनात्मकता, रचनाओं एवं गतिविधियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, उनके विचारों और रचनात्मक क्षमताओं को मंच प्रदान करने तथा उन्हें सम्मानित कर प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है। बालमंच पत्रिका उन बच्चों के लिए एक विशेष मंच है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के साथ साथ शहरी क्षेत्रों में रहते हैं और अपनी कला व प्रतिभा को प्रदर्शित करने के अवसरों की तलाश में होते हैं। यह मासिक पत्रिका राज्य, जिला, प्रखंड, संकुल और विद्यालय स्तर पर बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक, रोचक और प्रेरणादायक सामग्री प्रदान करती है।बालमंच पत्रिका की प्रधान संपादिका रूबी कुमारी, शिक्षिका,उत्क्रमित मध्य विद्यालय सरौनी, बौंसी,बांका एवं संपादक-सह-ग्राफिक डिजाइनर त्रिपुरारी राय,शिक्षक, मध्य विद्यालय रौटी,महिषी, सहरसा ने बताया कि यह पत्रिका न केवल बच्चों की अभिव्यक्ति का माध्यम बनी है, बल्कि शिक्षकों और समाज के लिए भी एक प्रेरणास्त्रोत बन रही है। यह मंच बच्चों की सोच, सपनों और उनकी अभिव्यक्ति को आकार देने के लिए लगातार प्रयासरत रहता है। टीचर्स ऑफ बिहार के फाउंडर पटना जिले के शिक्षक शिव कुमार ने बताया कि यह मंच न केवल बच्चों की रचनाओं बल्कि उनकी प्रतिभा को भी प्रदर्शित करती है साथ ही उन्हें और बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है। शिव कुमार ने कहा कि हर बच्चे में अनगिनत संभावनाएँ छिपी होती हैं। आज के ये नन्हे कलाकार, वैज्ञानिक और विचारक, आने वाले कल के पिकासो, आइंस्टीन और महान हस्तियाँ बन सकते हैं। जरूरत है बस उनकी प्रतिभा को पहचानने, प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को उड़ान देने की। टेक्निकल टीम लीडर शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने बताया कि बालमंच पत्रिका की प्रधान संपादिका रूबी कुमारी,संपादक त्रिपुरारी राय एवं उनकी टीम के मेहनत, समर्पण और दूरदृष्टि ने इस पत्रिका को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपने नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया कि हर बच्चे को अपनी रचनात्मकता और अभिव्यक्ति को व्यक्त करने का मंच मिले। उनकी सतत प्रयासों और मार्गदर्शन के कारण, यह पत्रिका अब एक व्यापक और प्रतिष्ठित प्रकाशन के रूप में उभर चुकी है। टीचर्स ऑफ़ बिहार के प्रदेश प्रवक्ता अररिया जिले के शिक्षक रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक पूर्वी चंपारण जिले के शिक्षक मृत्युंजय ठाकुर ने बताया कि बालमंच पत्रिका को निरंतर बच्चों और शिक्षकों का प्यार, सहयोग और आशीर्वाद मिल रहा है। यह पत्रिका आगे भी बाल सृजनशीलता,उनकी रचनाओं को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।

Karan Pandey

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