गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ की त्रैमासिक ई-पत्रिका गोरख पथ के तृतीय वर्ष के प्रथम एवं द्वितीय अंक का विमोचन कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। कुलपति ने पिछले दो वर्षों से नियमित रूप से प्रकाशित हो रही इस पत्रिका की सराहना करते हुए कहा कि गोरख पथ शोधपीठ की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं शोध गतिविधियों का महत्वपूर्ण संकलन बन चुकी है।
शोधपीठ के उपनिदेशक डॉ. कुशलनाथ मिश्र ने बताया कि दोनों अंकों में जनवरी से जून 2025 तक हुए विविध कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण समाहित है। यह पत्रिका विश्वविद्यालय एवं शोधपीठ की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध है।
विमोचन अवसर पर ई-पत्रिका के सम्पादक डॉ. कुशलनाथ मिश्र, सह-सम्पादक डॉ. सोनल सिंह, सहायक ग्रंथालयी डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी, रिसर्च एसोसिएट डॉ. सुनील कुमार तथा शोध अध्येता डॉ. हर्षवर्धन सिंह उपस्थित रहे।
अन्य समाचार के अनुसार विश्वविद्यालय के महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ को ‘संस्कृत अध्ययन केन्द्र’ संचालित करने की स्वीकृति केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली के कुलपति द्वारा प्रदान की गई है।
शोधपीठ के उपनिदेशक डॉ. कुशलनाथ मिश्र ने बताया कि इस केंद्र में अध्यापन हेतु सुश्री निपा चौधुरी को शिक्षक के रूप में 15 मई 2026 तक नियुक्त किया गया है, जिन्होंने आज कार्यभार ग्रहण कर लिया है। विद्यार्थी यहाँ पंजीकरण कराकर निःशुल्क संस्कृत स्पीकिंग प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने शोधपीठ को संस्कृत अध्ययन केन्द्र की स्थापना पर शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “इस केंद्र से संस्कृत भाषा के अध्ययन-अध्यापन के साथ-साथ उसका प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित होगा।”
गोरख पथ के सातवें संस्करण का कुलपति ने किया विमोचन
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