Saturday, November 29, 2025
Homeउत्तर प्रदेशबरेली बवाल का सच: ड्रोन फुटेज से सामने आई धर्मस्थल से पुलिस...

बरेली बवाल का सच: ड्रोन फुटेज से सामने आई धर्मस्थल से पुलिस तक भिड़ंत की पूरी घटना

बरेली (राष्ट्र की परम्परा)। शुक्रवार को मौलाना तौकीर रजा के बुलावे पर हुई हिंसा का वीडियो अब सार्वजनिक हो चुका है। पुलिस ने बुधवार को ड्रोन कैमरों से प्राप्त फुटेज जारी किया, जिसमें स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि किस तरह भीड़ ने धर्मस्थल से उतरकर पुलिस से भिड़ंत की और गलियों में पथराव किया।

वीडियो में क्या दिखा:
ड्रोन फुटेज में धर्मस्थल की छतों पर भीड़ का जमावड़ा, वहां से उतरकर सड़क की ओर भागते उपद्रवी, लाठी-डंडे लेकर भीड़ को रोकने की कोशिश करती पुलिस, और घटनास्थल के आसपास पथराव की झलक साफ नजर आ रही है।

पुलिस का बयान:
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि बवाल वाले दिन तीन सरकारी ड्रोन और कुछ निजी ड्रोन खलील स्कूल व संवेदनशील इलाकों के आसपास उड़ाए गए थे। भीड़ ने इन ड्रोन की उपस्थिति की परवाह नहीं की।

मौलाना तौकीर रजा का ‘किला’ दरक रहा:
मौलाना को फतेहगढ़ जेल भेजे जाने के बाद उसके करीबी साथी और गुर्गों की गिरफ्तारी जारी है। अब तक नौ प्रमुख आरोपियों को जेल भेजा गया है, जिनमें पार्टी प्रवक्ता डॉ. नफीस और उनका बेटा फरमान शामिल हैं। पुलिस ने उन पर दंगा भड़काने और नमाज के समय बदलने का आरोप लगाया है।

पुलिस की जांच में सामने आई बड़ी साजिश:
एसएसपी ने बताया कि मौलाना और उसके साथियों ने 26 सितंबर को बरेली में हिंसा कराने के लिए योजना बनाई थी। मस्जिदों में नमाज का समय बदलने और सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ संदेश फैलाने की जानकारी पुलिस को मिली।

बिहार और बंगाल से बुलाए गए उपद्रवी:
पुलिस जांच में पता चला है कि हिंसा में शामिल कुछ लोग बिहार और बंगाल से बुलाए गए थे। नफीस के बेटे फरमान ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो और संदेश साझा किए, जिससे स्थानीय और आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग बरेली पहुंच गए।

अब तक की कार्रवाई:
पुलिस ने 10 मुकदमे दर्ज किए हैं, 125 नामजद और करीब 3,000 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक 82 उपद्रवी गिरफ्तार हो चुके हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments