
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता व मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी की उपस्थिति में आज जनपद के बांसी नदी एवं हिरण्यवती नदी के पुनरोद्धार हेतु एक आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक आयोजित की गई।पौराणिक बांसी नदी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से बैठक दौरान बांसी नदी (कुल लंबाई 85 किमी) रेगुलेटर से पिपरा घाट तक के सर्व प्रथम रेवेन्यू टीम द्वारा चिन्हांकन किए जाने का निर्देश अपर जिलाधिकारी को दिए गए तथा कहीं अवैध कब्जा हो उसे मुक्त कराने का निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने रेवेन्यू संबंधित कार्य हेतु एडीएम वि0/रा0 को नोडल अधिकारी नामित करते हुए निर्देशित किया गया कि एक टीम का गठन करते हुए चिन्हांकन संबंधी कार्य तत्काल शुरू कराएं उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि बांसी नदी के उद्धार हेतु विस्तृत कार्य योजना तैयार कर अलग अलग जिम्मेदारी तय करते हुए आगामी दस दिनों में दुबारा होने वाली बैठक में प्रस्तुत की जाय। जिलाधिकारी ने बिंदुवार चर्चा करते हुए कहा कि मजदूर /मशीनों /स्वयंसेवी संस्थाओं व आमजन के सहयोग से ही ये कार्य संभव हो पाएगा, इसके लिए सभी संबंधित अपने स्तर से प्रभावी कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि जिनके पास इस कार्य में जो मशीनें हों दे कर सहयोग करें, डीजल की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा कर लिया जाएगा, उन्होंने श्रमदान हेतु विभिन्न संगठनों एवं आमजन से सहयोग हेतु प्रेरित किए जाने पर बल देते हुए प्रभावी कार्यवाही किए जाने का निर्देश संबंधित को दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यवाहियां पूर्ण होने पश्चात एक तिथि निर्धारित कर अभियान के रूप में इस कार्य को पूर्ण कराया जाएगा । जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड से बांसी नदी में हमेशा पानी बनाए रखने के दृष्टिकोण से विस्तृत चर्चा कर इसे विभिन्न रजवाहों तथा अन्य नदियों से जोड़ने पर विचार विमर्श भी किया गया। जिलाधिकारी ने नदी में पानी हमेशा बनाए रखने के प्लान को भी कार्ययोजना में शामिल किए जाने का निर्देश दिए। भरपुरवा रेगुलेटर को खोलने पर क्या प्रभाव पड़ सकता है इसके बारे में भी जानकारी ली गई । जिलाधिकारी ने कहा कि मन, मनोयोग, मनोबल, मशीन एवं मनरेगा, जन सहयोग को मूलमंत्र बनाकर इस नदी को पुनर्जीवित करने में मां0 जन प्रतिनिधि गणों, ग्राम प्रधान गण, विभिन्न संगठनों, एवं आमजन से सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य हेतु धन की कमी आड़े नहीं आएगी जिला प्रशासन धन की व्यवस्था करेगा, सभी विकल्पों को अमल में लाते हुए दिसंबर तक इस कार्य की पूर्ण कर लिए जाएगा। कुशीनगर स्थित हिरण्यवती नदी की साफ सफाई एवं निरंतर जल प्रवाह बनाए रखे जाने की भी समीक्षा कर अधि0 अभि0 सिंचाई को कार्ययोजना तैयार किए जाने एवं अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 को नोडल अधिकारी नामित करते हुए कमेटी गठन किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। तथा कार्य योजना में कितने सेक्शन बनेंगे कहां से कहां तक किसकी जिम्मेदारी दी जानी है सभी का उल्लेख किया जाएगा।जिलाधिकारी ने कहा कि ये कार्य भी माह दिसंबर तक पूर्ण कर लिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बांसी नदी एवं हिरण्यवती नदी के दोनों कार्यों हेतु लगभग रुपए डेढ़ करोड़ की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा कर लिया जाएगा, इसके अतिरिक्त और भी धन की जरूरत पड़ेगी तो व्यवस्था कर ली जाएगी।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव मिश्रा, अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड, डीसी मनरेगा, डीपीआरओ, सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी गण उपस्थित रहे।