राष्ट्रीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने किया द्वाबा महोत्सव में कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ
संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। द्वाबा महोत्सव के तीसरे दिन ऐतिहासिक द्वाबा बाग में उत्साह चरम पर तब पहुंच गया जब राष्ट्रीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह हेलीकॉप्टर से आयोजन स्थल पहुंचे। आयोजक समिति ने फूल मालाओं और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि द्वाबा की मिट्टी ने सदैव श्रेष्ठ पहलवान दिए हैं, इसकी पहचान पूरे देश में अद्वितीय रही है।

आयोजक नीलमणि, डॉ. सत्यपाल पाल, प्रिंस अगम सिंह और दिगपाल पाल के नेतृत्व में पूर्व सांसद का पारंपरिक स्वागत हुआ। उन्होंने पहलवानों का हाथ मिलवाकर भव्य दंगल का शुभारंभ किया।
पूर्व सांसद श्री सिंह ने कहा कि मिट्टी की कुश्ती का स्वर्णिम दौर लौट रहा है और निकट भविष्य में यह ओलंपिक में भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराएगी। उन्होंने पहलवानों को कठिन परिश्रम, अनुशासन और नियमित अभ्यास को अपनी प्राथमिकता बनाए रखने की सलाह दी।
उन्होंने द्वाबा महोत्सव में संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के लिए आयोजन समिति की सराहना की। किसानों और युवाओं को उन्होंने स्वास्थ्य, श्रम और अनुशासन के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शांति के प्रतीक कबूतर उड़ाकर सौहार्द और सद्भावना की भी कामना की।
आयोजक चेयरमैन प्रतिनिधि एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नीलमणि ने कहा कि पूर्व सांसद की उपस्थिति ने महोत्सव में चार चांद लगा दिए और यह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है।
दंगल में हैसर के पहलवान संजय द्वारा बनारस के पहलवानों को पटखनी देने वाला मुकाबला विशेष रूप से चर्चित रहा। मोनू बड़गो और शैलेश खजनी की कुश्ती में प्वाइंट के आधार पर शैलेश विजयी रहे।
ग्वालियर के कौशल गुज्जर और नोएडा के हरेंद्र मालिक का मुकाबला दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। वहीं आलोक बड़हलगंज और अरविंद प्रयागराज की कुश्ती ने भी दर्शकों को देर तक बांधे रखा।
कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री गणेश पांडेय, अशोक यादव, गंगा प्रसाद यादव, बिट्टू राय, अनुभव शुक्ला, डॉ. मनोज शुक्ला, अंकित पाल, उमेश राय, राजन राय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
