उतरौला/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)
उतरौला कस्बे में रोडवेज बस अड्डा सिर्फ नाम का है। काफी समय से बसें यहां बस स्टॉप पर नहीं आ रही हैं। परिवहन निगम की बसें श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहा व हाईवे पर फर्राटा भरते हुए निकल जाती हैं। रोडवेज की बसें अंदर बस स्टॉप पर नहीं आ रही है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उतरौला तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा नगर क्षेत्र के सैकड़ों लोग प्रतिदिन यहां से यात्रा करते हैं। वर्तमान में नगर के अंदर बने बस स्टॉप पर अधिकतर डिपो की बसें नहीं आ रही हैं।
नगर के श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहा पर रोडवेज की बसें रुक कर वहीं से निकल जाती हैं। कस्बे में बना रोडवेज बस स्टेशन रात में जुआरियों व शराबियों का अड्डा बन कर रह गया है। लोकतंत्र सेनानी चौधरी इरशाद अहमद गद्दी ने बताया कि काफी दिनों से यहां बहुत कम बस आ रही है। मुश्किल से कभी-कभी बसें यहां अंदर लाई जाती हैं, लंबी दूरी की कोई बसें नहीं आ रही है। जिसके कारण लखनऊ, कानपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोरखपुर, दिल्ली जाने वाले यात्री बेहद परेशान हैं।
लंबी दूरी की बसें फर्राटा भरते हुए चौराहे से ही निकल जाती हैं।
कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से चालक-परिचालक मनमानी कर रहे हैं। सिर्फ जिला मुख्यालय और गोंडा डिपो की कुछ बसें ही बस स्टाप पर रुकती हैं।
नगर में बस स्टॉपेज पर बसें न आने से यात्री चौराहों पर बसों के इंतजार में घंटों खड़े रहते हैं। धूप, सर्दी, बरसात सभी कुछ यात्रियों को झेलना पड़ता है। जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। इससे नागरिकों में रोष व्याप्त है।
उतरौला में रोडवेज बसों का बहुत बुरा हाल है। नगर का रोडवेज बस स्टॉप लोगों के लिए छलावा बना हुआ है। अंदर बसें ना आने से यात्री बेहद परेशान हैं। परिवहन निगम के अधिकारी बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। परिवहन मंत्री को पत्र भेजकर उतरौला में रोडवेज बसों का स्टॉपेज सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। लोकतंत्र सेनानी चौधरी इरशाद अहमद गद्दी बताते हैं कि काफी वर्ष पहले से प्रदेश की अनेक डिपो की बसों का स्टॉपेज बस स्टाप पर रहा है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण चालक व परिचालक बस स्टाप में बसें नहीं रोक रहे हैं। जिसके कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। शीघ्र व्यवस्था न होने पर आंदोलन को विवश होना पड़ेगा। यात्री रमेश,आकाश, राजेश,परवेज,उस्मान,समशाद कहते हैं कि अकसर उतरौला से लखनऊ, कानपुर, गोंडा, डुमरियागंज आता-जाता हूं। रोडवेज व्यवस्था बहुत खराब है। बस अड्डे पर बसें नहीं आती है। चौराहे पर काफी देर तक खड़ा रहना पड़ता है। बस मिलने पर चढ़ जाता हूं। वापसी पर चालक परिचालक यहीं चौराहे पर ही उतार देते हैं। परिवहन निगम की व्यवस्था में तत्काल सुधार होना चाहिए।
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश शासन ने देर रात पुलिस महकमे में बड़ा…
सांकेतिक फोटो इंफाल/कोहिमा (राष्ट्र की परम्परा) मणिपुर के सेनापति जिले में शनिवार शाम एक टीवी…
इंडिया गठबंधन द्वारा उपराष्ट्रपति पद के लिए जस्टिस सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाने का निर्णय…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश में रविवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ…
जब विद्यालय शिक्षण का केंद्र नहीं रहते, तो शिक्षा व्यापार बन जाती है हर तीसरा…