कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री नगरीय अल्पविकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जनपद कुशीनगर में शासी निकाय की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने की। बैठक का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में चिन्हित अल्पविकसित एवं मलिन बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं के विकास को गति देना रहा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने योजना के अंतर्गत प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने शासन को डीपीआर प्रेषण, नगर निकायों से एनओसी प्राप्ति तथा लंबित प्रक्रियाओं की स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। स्वीकृत प्रस्तावों को डूडा के माध्यम से क्रियान्वित कराने की अनुमति दी गई, जबकि शेष प्रस्तावों पर नगर निकायों से एनओसी प्राप्त होते ही डीपीआर व आगणन भेजने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन नगर पंचायतों व नगर पालिकाओं से एनओसी प्राप्त नहीं हुई है, उनके अधिशासी अधिकारी इसे कल सायंकाल तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री आवास योजना में धन वसूली से जुड़े मामलों पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही दलालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की बात भी कही।
डीएम ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि आवास योजना के नाम पर कोई भी व्यक्ति धन की मांग करता है तो तत्काल विभाग को सूचित करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि योजना के तहत चिन्हित बस्तियों में सड़क, नाली, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, उप जिलाधिकारी आशुतोष कुमार, मु. जफर सहित सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
