
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) विधानसभा बरहज के ग्राम सभा परसिया भंडारी में ऑल इंडिया मंसूरी समाज की बैठक संपन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए रियाज अहमद मंसूरी जिला अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हैदराबाद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पसमांदा मुसलमानो की बदहाली पर चिंता जताई थी, मंच पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री सहित पार्टी के वरिष्ठ नेतागण मौजूद थे, प्रधानमंत्री ने पसमांदा मुसलमानो के दर्द का अध्यन किया और महसूस किया तथा इस पर काम करने के लिए पार्टी के नेताओं को पसमांदा मुसलमानो को उन्हें देश की मुख्यधारा से जोड़ने की बात कही।आज एक साल पूरा हो चूका है लेकिन प्रधानमंत्री ने अभी तक पसमांदा मुसलमानो की बदहाली दूर करने के लिए कोई ठोस कार्य योजना नहीं बनाई है। लगातार अपने भाषाणों में पसमांदा मुसलमानो की बदहाली पर चिंता जताते हैं यदि सही मायने में प्रधानमंत्री उनकी बदहाली को दूर करने के लिए फ़िक्र मंद हैं तो उन्हें ईमानदारी से रोजगार, शिक्षा, राजनीतिक हिस्सेदारी और आर्थिक आजादी के लिए कार्य करना चाहिए, तब पसमन्दा समाज में प्रधानमंत्री के वादे को लेकर विश्वास पैदा होगा,जिलाध्यक्ष रियाज अहमद मंसूरी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने 85% पसमांदा मुसलमानो की बदहाली को सार्वजानिक रूप से स्वीकार कर लिया है तो इस से पसमांदा मुसलमानो के उत्थान और विकास की कार्ययोजनाओं को और बल मिलता है।जिला सचिव शमीम मंसूरी ने कहा सरकार को मंसूरी विकास आयोग का गठन करना चाहिए जिससे पसमन्दा मुसलमान को शिक्षा, रोजगार , सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
लेकिन अफसोस की बात यह है कि प्रधानमंत्री ने पसमांदा मुसलमानों की समस्याओं के निराकरण की दिशा में अभी तक कोई टोस कदम नहीं उठाया है।
इस मौके पर खुर्शीद,मंसूरी फतेह मोहम्मद मंसूरी, अफजल मास्टर मंसूरी, कमरुद्दीन मंसूरी, रुस्तम मंसूरी, समीम मंसूरी, और अन्य साथी उपस्थित रहे!
