मजबूत कलम की खामोशी ने झकझोरा एसपी का दिल! दिवंगत पत्रकार शोभित पांडेय के परिवार को दी ₹5.51 लाख की मदद
संतकबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा )। कलम जब समाज की सच्चाई बयां करती है, तो उसकी आवाज सत्ता और व्यवस्था के गलियारों तक पहुंचती है। लेकिन जब वही कलम हमेशा के लिए खामोश हो जाए, तो उसके पीछे छूटे परिवार का दर्द शब्दों से परे हो जाता है। संतकबीर नगर में दिवंगत पत्रकार शोभित पांडेय के निधन के बाद कुछ ऐसा ही भावुक दृश्य सामने आया, जिसने पत्रकारिता जगत के साथ पुलिस महकमे को भी झकझोर दिया। पत्रकार की निर्भीक लेखनी और उनके असमय निधन से व्यथित पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए उनके परिवार को 5.51 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
खबरों में बेबाकी, व्यवहार में सादगी; हर सच्चाई पर रखते थे अपनी कलम
वरिष्ठ पत्रकार शोभित पांडेय अपराध से जुड़ी खबरों पर लगातार काम करते थे। उनकी पहचान एक ऐसे पत्रकार की थी, जो व्यवस्था की खामियों को उजागर करने और जिम्मेदारों को आईना दिखाने से पीछे नहीं हटते थे। किसी विषय पर अपनी बात रखते समय वह लाग-लपेट के बजाय तथ्यों और सच्चाई को प्राथमिकता देते थे। उनकी बेबाकी कभी-कभी लोगों को असहज जरूर कर सकती थी, लेकिन उनकी पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनहित और सच्चाई को सामने लाना था।
शोभित पांडेय का असमय निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पत्रकारिता जगत और उन लोगों के लिए भी गहरा आघात बन गया, जो उनकी लेखनी से परिचित थे। उनकी खामोशी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि समाज की आवाज बनने वाले पत्रकारों के पीछे छूटे परिवारों की मुश्किल घड़ी में साथ खड़ा होना कितना जरूरी है।
अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे एसपी, निभाया मदद का वादा
पत्रकार शोभित पांडेय के निधन की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा भावुक हो उठे। वह उनके अंतिम दर्शन के लिए पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। यह महज औपचारिक सांत्वना तक सीमित नहीं रहा। गुरुवार को एसपी शोभित पांडेय के पैतृक गांव विश्वनाथपुर पहुंचे। वहां उन्होंने दिवंगत पत्रकार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की।
5.51 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देकर एसपी ने अपने वादे को निभाया। पुत्र को खोने के गम में डूबे पिता लालजी पांडेय और परिवार के अन्य सदस्यों को सांत्वना देते समय एसपी भी भावुक हो गए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दुख की इस घड़ी में पुलिस और प्रशासन परिवार के साथ खड़े रहेंगे और हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
संवेदनशीलता की मिसाल बनी पहल
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा ने शोभित पांडेय को निर्भीक और समर्पित पत्रकार बताते हुए कहा कि वह समाज के शोषित, पीड़ित और प्रताड़ित लोगों की बुलंद आवाज थे। उनकी पत्रकारिता समाज के उन वर्गों को सामने लाने का माध्यम थी, जिनकी समस्याएं अक्सर अनसुनी रह जाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी धनघटा अभय नाथ मिश्रा, महुली इंस्पेक्टर हरेंद्र पाठक और खलीलाबाद इंस्पेक्टर जयप्रकाश दुबे भी मौजूद रहे।
पत्रकार शोभित पांडेय अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी लेखनी, निर्भीकता और जनहित के प्रति समर्पण की स्मृतियां उनके साथियों और परिचितों के बीच बनी रहेंगी। वहीं, दुख की इस घड़ी में पुलिस अधीक्षक की ओर से की गई आर्थिक सहायता ने यह संदेश दिया कि मानवीय संवेदना पद और जिम्मेदारी से कहीं बड़ी होती है। एक पत्रकार की कलम भले ही खामोश हो गई, लेकिन उसके परिवार के प्रति दिखाई गई यह संवेदनशीलता लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
एडीएम प्रशासन से मिले संजय तिवारी, सौंपा मांगपत्र अनूप तिवारी की रिपोर्ट देवरिया (राष्ट्र की…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कोल्हुई थाना क्षेत्र के बेलवा बुजुर्ग गांव के टोला भरवलिया में…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। घुघली-शिकारपुर मार्ग पर रात बरवा खुर्द गांव के पास दो बाइकों…
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कभी ब्रिटिश शासनकाल में व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में…
लंबी बीमारी के बाद मेंदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस, प्राथमिक विद्यालय एकइल नंबर-3 में…