महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सरकार की महत्वाकांक्षी स्वच्छ पेयजल योजनाओं को जमीनी स्तर पर किस तरह पलीता लगाया जा रहा है, इसका ताजा उदाहरण मिठौरा विकास खंड की ग्राम पंचायत पिपरा सोनाड़ी में सामने आया है। यहां सांसद निधि से स्थापित आरो प्लांट ग्रामीणों के लिए राहत बनने के बजाय अब निजी कमाई का साधन बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत भवन परिसर में लगाया गया यह आरो प्लांट नि:शुल्क शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था, लेकिन वर्तमान में इसे निजी प्लांट की तरह संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा लोगों से पानी के बदले पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सांसद पंकज चौधरी ने क्षेत्रवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सांसद निधि से लाखों रुपये की लागत से यह आरो प्लांट लगवाया था। योजना का उद्देश्य था कि गांव के सभी परिवारों को स्वच्छ पानी नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाए। लेकिन पंचायत स्तर पर इस जनहित योजना की मंशा को बदलकर इसे व्यवसाय का रूप दे दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि 15 लीटर पानी के लिए 15 रुपये वसूले जा रहे हैं। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने उम्मीद की थी कि अब गांव में साफ पानी मिलेगा, लेकिन पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी सत्यम चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह विषय उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है और यदि आरो प्लांट का संचालन निजी तौर पर किया जा रहा है तो इसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की होगी। अधिकारियों की यह प्रप्रतिक्रिया ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ा रही हैं, क्योंकि जनता की सुविधा के लिए लगाए गए सरकारी सांसदीय संसाधनों का खुला दुरुपयोग हो रहा है और कोई जिम्मेदार इस पर कार्यवाही करने के लिए आगे नहीं आ रहा। स्थानीय निवासियों ने संसद, जिला प्रशासन तथा ब्लॉक प्रशासन से इस मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है ताकि सांसद निधि से लगाई गई जनता की सुविधा पूर्ण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जा सके और इससे निजी कमाई के लिए की जा रही अवैध वसूली पर रोक लग सके।
मिठौरा ब्लाक की पिपरा सोनाड़ी में सांसद निधि का आरो प्लांट बना निजी कमाई का जरिया, ग्रामीणों में आक्रोश
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